Debate between JPU Vice Chancellor and RSA workers regarding results

छपरा : आर एस ए के द्वारा जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के कुलपति प्रोफेसर फारूक अली से विश्वविद्यालय के गेट के सामने ही जोरदार बहस छिड़ गया। आर एस ए के कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रदर्शन लगतार कुछ दिनों से आंदोलन किया गया था जिसमें कुलपति फारूक अली ने कहा था कि हम बहुत ही जल्‍द रिजल्‍ट ठीक करके पूर्ण प्रकाशित करेगें।

विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा आश्वासन देकर अभी तक कोई करवाई नहीं किया गया। इसी को लेकर कुलपति से संगठन के कार्यकर्ता ने मेन गेट पर अपनी बात रखनी चाही तब अचानक से कुलपति भड़क गए।

कार्यकर्ताओं को गुंडा मवाली कहने लगे, इसके बाद संगठन के कार्यकर्ताओं के द्वारा विरोध प्रर्दशन किया गया। विश्वविद्यालय के मेन गेट बंद होने पर आपत्ति दर्ज किया गया। जिसे तुरंत कुलपति ने मानते हुए गेट को खुलवा दिया।

अंकपत्र जल्द छात्र- छात्राओं को हार्ड कॉपी में मिल जाएगा सुधार करके कुलपति ने पुर्ण आश्वासन दिया। मालूम हो कि भ्रष्टाचारी कंपनी यू एम आई एस के द्वारा सारण प्रमंडल के छात्र- छात्राओं को उच्च शिक्षा से वंचित करने के लिए लगातार कुकृत्यप्रयास किए जा रहे हैं।

विश्‍वविद्यालय प्रशासन आनन-फानन में आकर ऑनलाइन जारी किया गया

स्नातक प्रथम खंड सत्र 2019- 22 एवं स्नातक प्रथम खंड स्पेशल का रिजल्ट प्रकाशन 1 माह पूर्व हो गया था। संगठन के द्वारा जब अंकपत्र की हार्ड कॉपी की मांग के लिए आंदोलन किया गया। तब जाकर विश्‍वविद्यालय प्रशासन आनन-फानन में आकर ऑनलाइन जारी किया गया।

आपको बता दें कि उस हार्ड कॉपी में भी कई तरह के दांव पेंच से भरा पड़ा हुआ, स्नातक प्रथम खंड सत्र 2019 -22 का अंकपत्र ऑनलाइन जारी किया गया। जिसमें भी भारी मात्रा में गड़बड़ी की पाई गई किसी को अंकपत्र पास सें ज्‍याद अंक के बाद भी फेल कर दिया गया और जो फेल हैं उसको पास दिखाया जा रहा है। जबकि जिसको पास होना चाहिए उसको फेल दिखा रहा है।

अभी तक स्नातक प्रथम खंड स्पेशल परीक्षा का अंकपत्र वेबसाइट पर लोड नहीं किया गया। जिसके कारण स्नातक तृतीय खंड का परीक्षा प्रपत्र नहीं भर पा रहा है। स्नातक, स्नातकोत्तर का सत्र लेट होने का कारण यू एम आई एस है स्नातक, स्नातकोत्तर, B.Ed ,पीएचडी का अंकपत्र, प्रवेश पत्र ,सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी अभी तक छात्र- छात्राओं के द्वारा इस कंपनी के द्वारा नहीं दिया गया।

कंपनी से मोटी रकम कमीशन के रूप में लेते है

नामांकन के समय मेघा सूची में गड़बड़ी, पंजीयन कार्ड में गड़बड़ी ,रिजल्ट में गड़बड़ी इतने गड़बड़ी होते हुए भी इस कंपनी पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी इस कंपनी से मोटी रकम कमीशन के रूप में लेते हैं। इसलिए इस कंपनी पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती है।

कुलपति से केवल इस कंपनी का शिकायत एक बार कर दीजिए तो ऐसा लगता है कि वह जान मार देंगे। पैसा में कितना ताकत होता है उसको वह प्रमाणित करते हैं। आर एस ए ऐसे भ्रष्टाचारी कंपनी को नकेल कसना जानती है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द छात्र- छात्राओं को अंक पत्र ,प्रवेश पत्र एवं सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी उपलब्ध कराएं अन्यथा फिर से एक बार आंदोलन के लिए तैयार है।

रिजल्ट में जितनी भी गड़बड़ियां हुई है। उसको सुधार किया जाए साथ ही इस कंपनी पर प्राथमिकी दर्ज कर दंडित किया जाए। छात्र -छात्राओं को कैरियर बर्बाद करने को लेकर आंदोलन में प्रमुख रूप से संरक्षक आरएस ए मनीष पांडे मिंटू ,कुणाल सिंह,आशीष यादव उर्फ गुलशन यादव ,आरएसए सह संयोजक विकास सिंह सेंगर, संगठन प्रवक्ता सौरभ कुमार गोलू, अंजलि पांडेय, संगीता कुमारी, संध्या कुमारी समेत सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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