पूर्णिया, 29 अप्रैल: स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के लिए साफ़-सफ़ाई एवं सरकारी अस्पतालों में संक्रमण रोकने के लिए किए गए प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए कायाकल्प योजना की शुरुआत की गई थी। जिसके तहत ज़िले ही नहीं बल्कि राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में रख रखाव को लेकर विशेष ध्यान दिया जाता है। ताकि उपचार कराने वाले मरीज़ों को किसी भी तरह से कोई परेशानी नहीं हो।
क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमूल होदा ने बताया कि कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत राज्यस्तरीय अवार्ड कमेटी ने वर्ष 2021-22 में पुरस्कृत होने वाली स्वास्थ्य संस्थानों की सूची जारी कर दी है। पुरस्कार के लिए तीन श्रेणियों में स्वास्थ्य संस्थानों के चयन का प्रावधान किया गया था। जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रेणी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैसा जो जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित है। जिसको 77.57 अंकों के साथ सांत्वना पुरस्कार मिला है।

-अभी भी कई स्तर पर सुधार की जरूरत: डीपीएम
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले से ज्यादा सुधार हुआ है। इसके बावजूद अभी भी कई स्तर से सुधार करने की आवश्यकता है। जिसके लिए स्थानीय एमओआईसी के नेतृत्व में लगातार कार्य किया जा रहा है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में पहले की अपेक्षा बहुत कुछ सुधार भी हुआ है लेकिन अभी भी सुधार करने की जरूरत है। जिसके लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित कई अन्य अधिकारियों को आवश्यकता दिशा-निर्देश दिया गया है। क्योंकि अगली बार अच्छे अंकों के साथ राज्य में स्थान लेना है। ज़िला मुख्यालय से दूर इस तरह के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग हमेशा तैयार रहता है।

-विभिन्न प्रकार के मापदंडों के आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों की होती है ग्रेडिंग: डॉ अनिल
जिला स्वास्थ्य समिति के जिला सलाहकार गुणवत्ता यकीन पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर से स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, हॉस्पिटल इंफेक्शन, मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों का उत्तम व्यवहार को फोकस किया जाता है। स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छ व शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, परिसर के साफ-सफाई का इंतजाम, शौचालय की सुविधा सहित अस्पताल में शांत व स्वच्छ वातावरण का निर्माण के आधार पर कायाकल्प कार्यक्रम के तहत संस्थानों की ग्रेडिंग की जाती है। सरकार की मंशा भी यही है कि राज्य की जनता को किसी तरह से कोई परेशानी नहीं हो। इसके साथ ही स्वच्छता, शुद्ध पेयजलापूर्ति, स्वास्थ्य संस्थानों के कर्मियों का व्यवहार सुगम होना चाहिए। क्योंकि मरीजों के साथ अच्छा से व्यवहार करने से आधी बीमारी ऐसे ही खत्म हो जाती है।

-विभागीय टीम को सराहनीय प्रयास से मिली उपलब्धि: एमओआईसी
कायाकल्प योजना के तहत सराहनीय प्रयास के लिए मिली उपलब्धि के संबंध में स्थानीय प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ज़ुबैर अहमद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय टीम, यूनिसेफ़, केयर इंडिया के साथ ही हमारी टीम के द्वारा संयुक्त रूप से प्रयास किया गया था कि कायाकल्प योजना के लिए निरीक्षीय टीम द्वारा अच्छे अंक दिए जाएंगे। लेकिन कम अंक मिला हुआ है । इसके बावजूद हमलोगों ने अच्छा प्रयास किया था। हमलोगों का प्रयास रहेगा कि अगली बार बेहतर कार्य करेंगे ताकि राज्य में स्थान प्राप्त हो सके। संस्थान की बेहतरी के लिये हमारा प्रयास आगे भी जारी रहेगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों के मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच व कड़ी मेहनत के कारण सांत्वना पुरस्कार मिला है। लेकिन इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। आगे हम इसे और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।

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