छपरा: सारण जिले के गरखा प्रखंड के चैनपुर भैसवारा मध्य विद्यालय में आज मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश्वर पाठक ने कहा-मुस्लिम समुदाय की पवित्र भूमि मक्का में 11 नवम्बर 1888 को छोटे से बालक का जन्म हुआ जिन्हें हम अबुल कलाम आजाद के नाम से जानते हैं।कलाम साहब भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने और भारत को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इनके पिता खैरुद्दीन एवं माता आलिया थीं तथा पत्नी जुलेखा थी।मौलाना साहब प्रथम भारतीय मुस्लिम विद्वान एवं स्वतंत्रता सेनानी में शुमार हैं।इनका जीवन बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा।ये सादगी पसंद और महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित थे।जब हमारा देश आजाद हुआ तो ये प्रथम शिक्षा मंत्री बने और इन्होंने बहुत सारे उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की।22 फरवरी 1958 को दिल्ली में इनका निधन हुआ।इन्हें कृतज्ञ राष्ट्र ने भारतरत्न की उपाधि से अलंकृत किया। जयंती समारोह में विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिका छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

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