.स्वस्थ्य समाज की परिकल्पना के लिए बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाना जरूरी: सिविल सर्जन

पूर्णिया, 22 अप्रैल:राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर पूर्णिया पूर्व प्रखंड मुख्यालय स्थित मिडिल स्कूल परिसर में सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा सहित अन्य अधिकारियों द्वारा बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर विधिवत रूप से अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विनय मोहन, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक संजय कुमार दिनकर, पूर्णिया पूर्व पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार, बीएचएम विभव कुमार, स्थानीय स्कूल के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, छात्र सहित कई अन्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

-स्वस्थ्य समाज की परिकल्पना के लिए बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाना जरूरी: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया की राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर ज़िले के सभी प्रखंडों में स्कूली बच्चों को कृमि मुक्ति को लेकर अल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया है। ज़िले में 01 वर्ष से लेकर 19 आयुवर्ष तक के सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, जो बच्चे दवा खाने से छूट जायेंगे, उनके लिए आगामी 26 अप्रैल को विशेष रूप से मॉपअप राउंड चलाया जायेगा। ताकि, कोई भी बच्चा दवा खाने से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मियों एवं विभिन्न स्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। ताकि मॉपअप राउंड की आवश्यकता नहीं हो। स्वस्थ समाज की परिकल्पना के लिए बच्चों को कृमिनाशक अल्बेंडाजोल की गोली खिलानी चाहिए। क्योंकिं शरीर में कृमि होने के कारण पोषक तत्वों का शरीर को लाभ नहीं मिल पाता है। जिस कारण बच्चों को अनेक प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं। यही कारण है कि स्कूल में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं को अल्बेंडाजोल की गोली उम्र के हिसाब से खिलाने के लिए कार्यक्रम चलाया गया है। हालांकि वैसे बच्चे जो किसी कारणवश स्कूल में नही मिलेंगे उनके लिए डोर टू डोर भ्रमण कर गोली खिलायी जाएगी।

-स्कूली बच्चों को स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक: सीएस
सिविल सर्जन डॉ वर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित स्कूली बच्चों को स्वच्छ्ता एवं हाथों की सफाई नियमित रूप से करने के लिए जागरूक किया। वहीं कृमि से बचाव को लेकर बच्चों को अपने हाथों के नाखून की सफाई और कम से कम एक सप्ताह या 15 दिनों के अंदर काटने के लिए बच्चों को प्रेरित किया गया। इसके साथ शुद्ध व स्वच्छ पेयजल पीने के लिए बल दिया गया। पके हुए भोजन को ढक कर रखने, शुद्ध पेयजल पीने, सब्जियों को धोने के बाद बनाने, हाथों को खाने से पहले एवं शौच के बाद नियमित रूप से रगड़-रगड़ कर साबुन से धोने, आसपास या अपने कमरों की सफाई रखने, जूते चप्पल का इस्तेमाल करने, खुले में शौच नहीं जाने और शौचालय के इस्तेमाल करने को लेकर जागरूक किया गया।

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