संवाददाता- हिमालय राज

छपरा 25 अप्रैल: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) बिहार राज्य सह सचिव राहुल कुमार यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आम गरीब के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश के तहत शिक्षा को बाजार के हवाले कर दिया, करे विरोध के बाद भी नई शिक्षा नीति को कई खामियों का साथ लागू कर दिया और अब ऐतिहासिक घटनाओं से छेड़छाड़ कर उसे तोड़-मरोड़ कर पेश करने में लगी हुई है. इसी क्रम में सीबीएसई पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए 11वीं और 12वीं के सिलेबस से इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को हटा दिया है. जिसमें गुटनिरपेक्ष आंदोलन, शीतयुद्ध के दौर, अफ्रीकी-एशियाई क्षेत्रों में इस्लामी साम्राज्य के उदय,  मुगल दरबारों के इतिहास और औद्योगिक क्रांति से संबंधित अध्याय शामिल हैं. इस फैसले का हम विरोध करते हैं. पाठ्यक्रम में जो बदलाव किया गया है उसका कोई औचित्य नहीं है. भारत के इतिहास का मुगल शासन काल अविभाज्य हिस्सा है. यदि कोई देश का इतिहास समझना चाहेगा तो बीच में से किसी काल को हटाया नहीं जा सकता है. देश में जो घटनाएं घटी हैं उससे देश को क्या फायदा या नुकसान हुआ इन्हीं सब चीजों की समीक्षा इतिहास के माध्यम से की जाती है. इतिहास को यदि हम दरकिनार कर देंगे तो हमारे आने वाली पीढ़ी, हमारी गलतियों और हमारी अच्छाइयों से पुरानी सीख का फायदा नहीं उठा पाएंगी. 10वीं, 12वीं के सिलेबस से लोकतंत्र, मुगल दरबार, इस्लामी साम्राज्यों के उदय, शीत युद्ध, जैसे विषय हटाया जान घोर निंदनीय व बेहद चिंताजनक है. हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं पूर्व से चली आ रही सिलेबस व ऐतिहासिक घटनाओं को सिलेबस से हटाया जाने का निर्णय वापस ले. केंद्र सरकार ऐतिहासिक घटनाओं को छुपाने, ऐतिहासिक घटनाओं को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की गंदी राजनीति बंद करे.

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