पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की मींटिंग बुलाई थी। मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में बैठक हुई। आज की कैबिनेट मीटिंग में महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी. आज की बैठक में कुल 16 एजेंडों पर मुहर लगी है।नगर पालिका आम चुनाव 2022 संपन्न कराने के लिए 62 करोड़ 18 लाख की अग्रिम राशि की स्वीकृति दी गई है। इससे नगरपालिका आम चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सकेगा। बिहार के 12 जिलों… कैमूर, सुपौल, पूर्वी चंपारण, सिवान, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, शेखपुरा, गोपालगंज, बेगूसराय, भोजपुर एवं बक्सर में 520 आसन वाले 11 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आवासीय प्लस टू विद्यालय के भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। प्रति विद्यालय 46 करोड़ 35 लाख 28000 की लागत से कुल 556 करोड़ 23 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना से 12 जिलों में प्रति स्कूल 520 छात्राओं के पढ़ने, रहने के लिए विद्यालय भवन छात्रावास भवन का निर्माण कराया जा सकेगा। इससे कुल 6240 छात्राएं लाभान्वित होंगी।

सदर अस्पतालों में ड्रेसर के 210 पदों की स्वीकृति

बिहार के 35 सदर अस्पतालों में ड्रेसर के अतिरिक्त पदों के सृजन की आवश्यकता को देखते हुए कुल 210 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई हैं। इससे राज्य की आम जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार को ड्रेसर के इन 210 पदों के सृजन से हर साल 7 करोड़ 35 लाख 30160 रुपये का अतिरिक्त व्यय होगा।

बिहार औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला अगम कुआं में विभिन्न कोटि के 39 पदों के सृजन एवं 3 पदों के प्रत्यर्पण के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई है। औषधि नियंत्रण प्रशासन के क्षेत्रीय कार्यालयों को दूर करने के लिए भारत सरकार द्वारा 34 करोड़ 75 लाख की राशि उपलब्ध कराई गई है। जिसके आलोक में राज्य सरकार द्वारा 23 करोड़ का राज्यांश दिया गया है, यानी कुल राशि ₹57 करोड़ 89 लाख उपलब्ध हैं। बिहार औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला अगम कुआं को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से तकनीकी कर्मी संवर्ग नियमावली 2019 का गठन किया गया है। नए नियमावली के गठन के बाद कुछ नए पदों के सृजन की आवश्यकता है। औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला के पूर्व से सृजित 3 पद की वर्तमान में आवश्यकता नहीं रह गई है। ऐसे में उन तीनों पदों को प्रत्यर्पित किया जाता है। आगे अन्य पदों के सृजन के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।

पीएमएसीएच के लिए बड़ा फैसला

बिहार के चिकित्सा संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए अनिवार्य रूप से बंध पत्र की व्यवस्था लागू की गई थी। राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय से पीजी डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्रों से बंध पत्र के अधीन 3 वर्षीय अनिवार्य सेवा हेतु 3990 फ्लोटिंग पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। इससे राज्य के चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में इन्हें सीनियर रेजिडेंट, ट्विटर एवं अन्य चिकित्सा संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में नामित किया जाएगा। सृजित कुल 3990 पद पर 3 वर्ष के लिए एक तिहाई की संख्या में विभक्त होंगे। पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानक के अनुसार गाइनेकोलॉजिकल समेत 10 विभागों का सृजन किया गया है। उनके लिए शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कुल 229 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

समस्तीपुर में नया मेडिकल कॉलेज

समस्तीपुर में राम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल की स्थापना की स्वीकृति दी गई है. इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी। इसके लिए 135 गैर शैक्षणिक पद तथा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के लिए 288 यानी कुल 423 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। अस्पतालों में क्रिटिकल केयर मेडिसिन एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग का सृजन एवं शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। इस आलोक में 17 सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 2673 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. इस पर कुल 137 करोड़ 78 लाख रुपए का खर्च आयेगा।

राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल छपरा में 100 एमबीबीएस छात्रों के नामांकन की मान्यता के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानक के अनुरूप शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदों को मिलाकर (चिकित्सा महाविद्यालय) के लिए 135 पद तथा अस्पताल के लिए 288 पद यानी कुल 423 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।

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