कटिहार, 29 अप्रैल: सम्मानपूर्वक प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर में कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी, जीएनएम, एएनएम व ममता कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर उसे परिपक्व करने का काम किया जा रहा है। प्रसव के दौरान महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं के साथ उचित तरह का व्यवहार करने के साथ ही प्रसूता की देखभाल को बेहतर बनाने के लिए सदर अस्पताल परिसर स्थित सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त प्रशिक्षण में सदर अस्पताल स्थित प्रसव कक्ष से जुड़े 05 चिकित्सक, 15 प्रशिक्षित नर्स के साथ सहयोगी कर्मियों में ऑपरेशन थिएटर सहायक, लैब टेक्नीशियन, एमसीएच स्टाफ़, ममता, सफ़ाई कर्मी व एम्बुलेंस चालकों को प्रोन्टो इंटरनेशनल के द्वारा प्रशिक्षित किया गया। इस अवसर पर प्रोन्टो इंटरनेशनल की मंजू सीजू, केयर इंडिया की ओर से डीटीएल प्रदीप कुमार बेहरा जिला नर्स मेंटर पर्यवेक्षिका संध्या, सिंधु एस नयार, केयर इंडिया प्रखंड प्रबंधक निशांत कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अस्पताल में व्यावहारिक रूप से पेश आना आवश्यक :
प्रोन्टो इंटरनेशनल की ओर से प्रशिक्षण देने आईनसिमुलेशन विशेषज्ञ मंजू सीजू ने बताया कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान अभिभावकों या नवजात शिशुओं के साथ अव्यावहारिक तरीके से पेश आने के कारण अस्पताल प्रबंधन पर गलत प्रभाव पड़ता है, जिससे महिलाओं द्वारा प्रसव से पहले, प्रसव के दौरान या उसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों में देखभाल या सलाह लेने की संभावना कम हो जाती है। यह अस्पताल में आए महिलाओं व उनके नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा होता है। इतना ही बल्कि उसके जीवन के लिए ख़तरा पैदा होने की आशंका भी बढ़ जाती है। स्वास्थ्य कर्मियों को इसके लिए अपने व्यवहार में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। प्रशिक्षक मंजू सीजू द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित सभी स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को सम्मानजनक मातृत्व देखभाल के लिए आवश्यक सुझाव दिया गया जिसे राष्ट्रीय नीतियों, सुविधा केंद्रों में बदलावों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता के माध्यम से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा स्थानीय नागरिकों को गरिमामय मातृत्व देखभाल मुहैया कराए जाने को लेकर समय-समय पर अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत कर्मियों के प्रति लोगों में भरोसा उत्पन्न हो और स्वास्थ्य केंद्र में अधिक से अधिक प्रसव या मरीजों का आना हो सके।

प्रसव के दौरान बुनियादी देखभाल जरूरी :

केयर इंडिया के डीटीएल प्रदीप कुमार बेहरा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं, युवतियों, व्यक्तियों और नवजात शिशुओं के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा अस्पताल में व्यवहार में शिथिलता बरतने का मामला सुनने को मिलता है। जिस कारण विभाग की प्रतिष्ठा पर थोड़ा बहुत असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को हर जगह अपने अधिकारों के हनन का सामना करना पड़ता है जिनमें निजता का अधिकार, जानकारी प्रदान किये जाने के बाद प्राप्त सहमति और प्रसव के दौरान भरोसेमंद साथी को चुनने का अधिकार होता है। सभी स्वास्थ्य कर्मियों के अव्यावहारिक बर्ताव से ये अधिकार का हनन होता है। इसे बनाए रखने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को आए हुए मरीजों के साथ सही व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी को अपने कार्य के दौरान मरीज या उनके परिजनों से किसी प्रकार की समस्या होने पर अपने से ऊपर के अधिकारियों को सूचित करना चाहिए ताकि उनके द्वारा इसपर कानूनी कार्यवाही की जा सके। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से बेहतर कार्य करते हुए अपने स्वास्थ्य केंद्र का भरोसा स्थानीय लोगों में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

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