• जलजनित रोगों से बचाव के लिए स्वच्छ पानी का करें सेवन
• घर में या आसपास पानी जमा न होने दें
• बार-बार उल्टी व दस्त होने पर ओआरएस का घोल जरूर दें

छपरा,25 जुलाई :आपके स्वास्थ्य का पानी से सीधा रिश्ता है। पीने के पानी की स्वच्छता के मामले में यदि कोई असावधानी होती है तो कई तरह के रोग शरीर को घेरने में देर नहीं लगाते। ज्यादातर चिकित्सकों का भी यही कहना है कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में यदि नियमित स्वच्छ पानी ही पिया जाए, तो कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। बहुत बार त्वचा संबंधी रोगों की जड़ में भी दूषित पानी की ही भूमिका होती है। प्रदूषित पानी पीने के कारण त्वचा में कई तरह की एलर्जी या दाग-धब्बे होना कोई बड़ी बात नहीं। इन रोगों से बचाव के लिए सावधानी बरतना ही सबसे कारगर तरीका है। यदि आप सचमुच चाहते हैं कि जलजनित रोगों से आपका परिवार सुरक्षित रहे तो अपने घर में पानी की गुणवत्ता को सुनिश्चित करें।

घर में या आसपास पानी जमा न होने दें:

सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि उल्टी, दस्त और हैजे जैसी बीमारियां पानी व खाद्य पदार्थो में बैक्टीरिया और वायरस से फैलती हैं। मानसून के दौरान इस रोग का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने में आता है। इससे बचने का सबसे कारगर उपाय तो यही है कि बाहरी खाद्य सामग्री और दूषित पानी से दूरी बरती जाए। इन दिनों खुले कुओं और पानी को भी उबाल कर पीना चाहिए। खाना खाने से पहले हाथ धोना कभी न भूलें। इन दिनों घर में या आसपास पानी जमा न होने दें। खाने-पीने के बरतनों की सफाई नियमित करें। रखे हुए साफ बरतनों पर भी बैक्टीरिया का हमला हो सकता है।
बार-बार उल्टी व दस्त होने पर ओआरएस का घोल जरूर दें:
सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बार-बार उल्टी व दस्त हो रहे हों, तो हो सकता है कि इसकी वजह प्रदूषित पानी हो। ऐसे रोगी के शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसे देखते हुए जरूरी है कि आप उन्हें लगातार नींबू, नमक और चीनी वाला पानी पिलाएं। ओआरएस का घोल देना उपयोगी रहता है। यदि उल्टी-दस्त रुकने का नाम न ले तो डॉक्टर के पास जाने में देर बिल्कुल न करें। चिकित्सकों का कहना है कि बहुधा हैजा के मरीजों में चावल की मांड की तरह शौच होता है। कई मरीजों में उल्टी-दस्त के साथ डिहाइड्रेशन व पेटदर्द की भी शिकायत देखने में आती है।

एक दिन में कम-से-कम 8 गिलास पानी पीना चाहिए:

हमारा शरीर कई तरह की जिम्मेदारियां निभाता है और पानी इस काम में शरीर की मदद करता है। इसीलिए डॉक्टर भी अक्सर र मशविरा देते हैं कि एक दिन में कम-से-कम 8 गिलास पानी पीना चाहिए। यदि आप शारीरिक श्रम ज्यादा करते हों तो भी आपको ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए। आपने देखा भी होगा कि खिलाड़ी और ज्यादा शारीरिक श्रम करने वाले ज्यादा-से-ज्यादा मात्रा में पानी पीते नजर आते हैं। सही मात्रा में पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म भी सही तरीके से काम करता है।

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