गोरखपुर: पुलिस अधीक्षक नगर कृष्ण बिश्नोई गोलघर काली मंदिर के सामने वाहन बना रहे मैकेनिक की दुकानों पर वाहनों पर लगा रहे काली फ़िल्म पट्टी लगाने वाले को किया रंगे हाथ गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक नगर पुलिस लाइन प्रेस वार्ता समाप्त होने के बाद पुलिस कार्यालय जा रहे थे तभी उन्हें दिखाई दिया कि कुछ वाहनों पर काली फ़िल्म पट्टी लगाई जा रही है तुरंत एसपी सिटी अपने वाहन से उतर कर काली पट्टी लगा रहे मैकेनिक को गिरफ्तार कर अपने पिकेट वाहन से जटेपुर चौकी भेज दिया जिससे यह पता चल सके कि उक्त मैकेनिकल कहां से काली फिल्म की खरीदारी करता है जिससे उसको पकड़ा जाए और शहर में काली फिल्म लगाने वाले मैकेनिक को पकड़ा जा सके जिससे वाहनों पर काली फिल्म लगा हुआ कोई भी वाहन ना दिखाई दे सकें और अपराध और अपराधियों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सके।

काली पट्टी जिले की यातायात व्यवस्था लचर कर देती है बस हो या कार। सब लोग नियम तोड़ वाहनों पर काली फिल्म लगाने का कार्य करते हैं कोई क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाता है। कोई प्राइवेट नंबर का व्यवसायिक उपयोग कर रहा है। अब तो हाल ये है कि लोग खुलेआम अपनी गाडिय़ों में काला शीशा लगा कर बेखौफ घूम रहे लेकिन पुलिस अधीक्षक नगर की आंखों में कोई धूल नहीं झोंक सकता उनकी पैनी नजर से काला सीसा वाला बच नही सकता।

महानगर में कई बार काला शीशा लगे वाहनों से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। सरकार द्वारा काला शीशा पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके सड़क पर काला शीशा लगे वाहन सरपट दौड़ रहे हैं।काला शीशा लगे वाहन के अंदर कौन है, अपराधी हैं या वीआईपी, इसका पता न तो पुलिस को चल पाता है न जनता को। काला शीशा लगे वाहनों का उपयोग अक्सर आपराधिक गतिविधियों के लिए होता आया है। कारों से हत्या और अपहरण की वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है। आपराधिक चरित्र वाले लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए ऐसे वाहनों का उपयोग करते हैं।केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों की खिड़कियों के शीशे काले या रंगीन नहीं होने चाहिए।

Previous articleगड़खा प्रखंड के सभी टोलासेवक, तालिमी मरकज,आंगनबाड़ी सहायिका एवं विकासमित्रों का एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
Next articleविधान परिषद चुनाव : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रत्याशियों ने किया नामांकन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here