सारण, छपरा 03 अगस्त : अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार, बिहार सरकार -सह- प्रभारी सचिव, सारण जिला श्री ब्रजेश मेहरोत्रा की अध्यक्षता में अल्प वर्षापात से उत्पन्न सुखाड़ की स्थिति से निपटने हेतु किये जा रहे कार्यों की समीक्षात्मक बैठक सारण समाहरणालय सभागार में आयोजित की गयी।

अपर मुख्य सचिव महोदय केे द्वारा अबतक हुए वर्षा के बारे में विस्तार से जानकारी ली गयी। जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि अब तक औसत वर्षापात के मुकाबले 46.95 प्रतिशत कम वर्षा होने की जानकारी दी गयी। धान बिचड़ा का 98.19 प्रतिशत एवं धान रोपनी का 64 प्रतिशत पूरा हो जाने की जानकारी दी गयी। अपर मुख्य सचिव महोदय के द्वारा प्रतिवेदन में उल्लेखित डाटा की शत-प्रतिशत सत्यता हेतु कृषि समन्वयकों एवं कृषि सलाहकार को लगातार क्षेत्र भ्रमण करने को कहा गया ताकि वास्तविक रुप से डाटा संकलित किया जा सके। बताया गया कि डाटा में विसंगति रहने पर जिला का गलत प्रतिवेदन तैयार होता है। इससे वास्तविक समस्या को जानने में कठिनाई होती है। जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा जिला में पर्याप्त खाद की उपलब्धता होने की जानकारी दी गयी। जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 22-23 अंतर्गत खरीफ मौसम के फसलों में अल्प वृष्टि के कारण सुखाड़ जैसी उत्पन्न स्थिति को देखते हुए डीजल चालित पंप सेट से पटवन करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को डीजल अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। खरीफ फसलों की डीजल पंप सेट से सिंचाई के लिए क्रय किए गए डीजल पर ₹60 प्रति लीटर की दर से ₹600 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान प्रति किसान अधिकतम 8 एकड़ सिंचाई के लिए ही दे होगा। इस योजना का लाभ कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल में ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा। वैसे किसान जो पूर्व में डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत हैं उन्हें पुनः पंजीकरण नहीं करना है वे सीधे डीजल अनुदान के लिए पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। डीजल अनुदान की राशि आवेदक के आधार से जुड़े बैंक खाते में ही अंतरित की जाएगी। अगर बैंक खाता आधार संख्या से जुड़ा नहीं होगा तो वैसे किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेग। उन्होंने कहा कि डीजल अनुदान योजना खरीफ 2022 के लाभ के लिए दिनांक 29 जुलाई 2022 से सिंचाई के लिए क्रय किये गए डीजल के लिए ही मान्य होगा। इसी तरह दिनांक 30 अक्टूबर 2022 तक सिंचाई के लिए किए गए डीजल के लिए ही अनुदान का लाभ मान्य होगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को अपने आवेदन के संदर्भ में किसी प्रकार की शिकायत होगी तो वे लिखित रूप से शिकायत संबंधित डीजल अनुदान अनुशंसा निगरानी समिति के समक्ष रखेंगे। ऐसे सभी शिकायतों का 15 दिनों के अंदर संबंधित कृषि समन्वयक के द्वारा जांच की जाएगी। जो किसान वांछित अहर्ता रखते हैं उन्हें अनुदान के भुगतान हेतु विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि 02 अगस्त तक सारण जिला में 858 ऑनलाईन आवेदन किसानों के द्वारा डीजल अनुदान प्राप्त करने हेतु प्राप्त होने की जानकारी दी गयी। कार्यपालक अभियंता लघु सिचांई ने बताया कि जिला में कुल नलकूपों की संख्या 377 है। इसमें से 71 नलकूप कार्यरत है। सरकार से प्राप्त निर्देशालोक में अब नलकूपों की मरम्मति का कार्य संबंधित मुखियागणों को ही करवाना है। इस संबंध में मुखियागणों से लगातार संपर्क कर मरम्मति का कार्य करवाया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव के द्वारा कृषि फीडर में 16 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति को लेकर भी प्रखंडवार समीक्षा की गयी। इस संबंध में कार्यपालक अभियंता विद्युत को निर्देश दिया गया कि कृषि फीडर में किसानों के सिंचाई हेतु 16 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित करें। अगर कही समस्या होती है तो स्वयं क्षेत्र में जाकर देखे। साथ ही जले हुए ट्रांसफार्मर को अविलम्ब ठीक करवाने का निर्देष दिया गया है ताकि कृषि फीडर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति करायी जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी सारण श्री राजेश मीणा, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार, उप विकास आयुक्त श्री अमित कुमार, अपर समाहर्त्ता डॉ गगन, जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी श्री कन्हैया कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारीगण एवं संबंधित कार्यपालक अभियंतागण उपस्थित थे।

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