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    देश की महिलाओं को भारतीय विदेश मंत्रालय ने दी बड़ी सौगात

    2021-03-09

    नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने देश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने सोमवार को फ्लैगशिप 'पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम' (पीएसके) के तहत देश के दो केंद्रों को परिवर्तित करते हुए 'ऑल वुमेन पीएसके' के रूप में अनावरण किया। अब नई दिल्ली के आरके पुरम, भीकाजी कामा प्लेस और केरल के कोचीन के त्रिपुनितूरा में स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र की सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी। इस अवसर पर विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा है कि ''चाहे पेशेवर हो या निजी सरकार विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं और पुरुषों के जीवन में संतुलन बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।'' उन्होंने कहा कि ''इसी के दृष्टिगत दो पासपोर्ट सेवा केंद्रों को ऐसे केंद्र के तौर पर बदला जा रहा है जहां की सभी कर्मचारी महिलाएं होंगी।'' वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि 'पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम' भारत सरकार के सबसे सफल कार्यक्रमों में से एक है। इसके माध्यम से भारत के नागरिकों और देश के बाहर रहने वाले भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम को डिजिटल इंडिया विज़न के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। जिसका मकसद सभी हितधारकों के लिए एक डिजिटल व्यवस्था तैयार करना है जहां नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाए घर पर मिले। अपने बयान में मंत्रालय ने आगे कहा कि मई 2014 के बाद से मंत्रालय ने न केवल भारत में बल्कि भारत के बाहर भी नागरिकों को पासपोर्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मौजूदा समय में 36 पासपोर्ट कार्यालयों के अलावा 93 पासपोर्ट केंद्र और 426 डाकघरों को पासपोर्ट सेवा केंद्र बनाया गया है। इसके साथ ही विदेश में 190 भारतीय मिशन के लिए भी कार्यक्रम को विस्तारित किया गया है। मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों ने नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और अधिक सुगम पासपोर्ट सेवा प्रदान करने में मदद की है। *पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम को डिजीलॉकर से जोड़ा गया था* इससे पहले फरवरी में विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने 'पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम' के तहत ''डिजीलॉकर'' मंच का उद्घाटन किया था। इससे नागरिकों को पासपोर्ट के लिए ओरिजिनल डाक्यमेंट्स को साथ में ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई। यही नहीं केंद्र सरकार पासपोर्ट को डिजीलॉकर में एक दस्तावेज के तौर पर भी शामिल करने पर विचार कर रही है। पासपोर्ट खोने और दोबारा जारी होने की स्थिति में यह सेवा काफी मददगार साबित होगी। इसके अलावा केंद्र सरकार ई-पासपोर्ट सेवा को शुरू करने पर काम कर रही है ताकि पासपोर्ट की सुरक्षा को बढ़ाया जा सके।