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    सभ्य समाज के लिए कलंक है वसीम रिज़वी: सैयद आसिफ इमाम

    2021-03-15

    सारण: बिहार राज्य शिया वक़्फ़ बोर्ड (बिहार सरकार) के सदस्य सह जदयू प्रदेश महासचिव सह सारण ज़िला प्रभारी अ.प्र. सैयद आसिफ़ इमाम ने बताया कि वसीम रिज़वी ने जिस तरह से अल्लाह की मोजीज़नुमा किताब क़ुरआन मजीद के बारे मे अपमानजनक, वाहियात और जाहिलाना बयान दिया है, वह इस बात की दलील है की वह मानसिक रूप से विछिप्त और पीड़ित हो गया है। क्योंकि अगर वो सही होता तो अल्लाह की मोजीज़नुमा किताब क़ुरआन शरीफ के बारे में ऐसी बात नही कहता। श्री इमाम ने बताया कि शायद वसीम रिज़वी को ये नही पता की कुरआन के 26 आयात तो बहुत बड़ी बात है, कुरआन मजीद का एक नुक़्ता, ज़ेर व ज़बर भी कभी तब्दील नही किया जा सकता है। वसीम रिज़वी जैसे ज़लील, जाहिल और पाखंडी के इस घटिया बयान की जितनी भी निंदा की जाय कम है। श्री इमाम ने उसके घिनौने मानसिकता और बयान की पुरज़ोर शब्दों में निंदा की। वसीम रिज़वी ने सिर्फ और सिर्फ ऐसा बयान खुद को लाईम लाईट मे रखने और समाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए दिया है। श्री इमाम ने बताया की ऐसे असमाजिक तत्व को समाज में रहने का कोई अधिकार नही है, जो समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने की बात करता हो। श्री इमाम ने बताया की वसीम रिज़वी जैसा असामाजिक तत्व इस्लाम व समाज दोनो के लिए एक खतरा है। उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। श्री इमाम ने अंत मे वसीम रिज़वी के बयान की कड़ी निंदा करते हुए बताया कि उसने खुद की राजनीति चमकाने के लिए भारत की गंगा जमुनी तहज़ीब को तोड़ने की कोशिश की है। गंगा जमुनी तहज़ीब को जो भी तोड़ना चाहेगा समाज उसका पूर्ण रूप से बहिष्कार करेगा। उसके खिलाफ़ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।