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    15 एवं 16 मार्च को होने वाले बैंकों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 'सीटू' का समर्थन

    2021-03-14

    छपरा: श्रमिक संगठन सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) की बिहार राज्य कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा बैंकों के निजीकरण की नीति का विरोध किया है । यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा निजीकरण के विरोध में 15 एवं 16 मार्च को होने वाले बैंकों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया है ।सीआईटी के बिहार राज्य कार्यकारिणी के सदस्य को मृत्युंजय कुमार ओझा ने जारी बयान में कहा कि देश का हर तबका केंद्र सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों से तबाह है । प्रत्येक वर्ग अपने अपने ढंग से प्रतिरोध भी कर रहा है। केंद्र सरकार की किसान मजदूर एवं जन विरोधी नीतियां देश के कुछ चुनिंदा कारपोरेट घरानों के आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए बनाई जा रही है। देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां सकल घरेलू उत्पाद की दर लगातार गिरती जा रही है। महंगाई आसमान छू रही है। पेट्रोल डीज़ल की कीमतें लगातार बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर देश के युवाओं को अपने घोषणापत्र में किए गए वादों जिसमें प्रत्येक वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात कही गई थी उन वादों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार नाकाम रही है। देश की राष्ट्रीय संपत्ति को औने पौने दामों में बेचकर देश को कतई आत्मनिर्भर नहीं बनाया जा सकता है। बैंकों के निजीकरण का फैसला एक आत्मघाती कदम होगा । बैंकों का निजीकरण कर जनता की गाढ़ी कमाई एवं उनकी जमा पूंजी को सरकार कारपोरेट के फायदे के लिए पहुंचाना चाहती है जिसको सीटू कभी सफल नहीं होने देगा।जब राष्ट्रीय कृत बैंकों का मुनाफा होता है प्रदेश की जनता का लाभ है लेकिन जब प्राइवेट बैंकों का मुनाफा हो रहा है तो यह निजी एवं कारपोरेट का शुद्ध लाभ है जो देश के लोगों का पैसा है । बैंकों का निजीकरण कर जनता की गाढ़ी कमाई एवं जमा पूंजी को सरकार कारपोरेट के फायदे के लिए उन तक पहुंचाना चाहती है इसका विरोध देशभर के बैंक कर्मी राष्ट्रव्यापी हड़ताल के माध्यम से कर रहे हैं । सीटू छपरा यूनिट यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के हड़ताल का तहे दिल से समर्थन करता है और उनके हड़ताल में कदम से कदम मिलाकर उनका साथ देता है।