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    15सूत्री मांग पुरा नहीं हुआ तो होगा आन्दोलन- आरएसए

    2021-03-05

    शुक्रवार 5 मार्च 2021 को छात्र संगठन आर एस ए के कार्यकर्ताओं के द्वारा जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा कैंपस में छात्र हित के मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया। मालूम हो कि आर एस ए के द्वारा बारंबार विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हित में मांग को पूरा करने के लिए स्मार पत्र दिया जाता रहा ,लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है कि छात्र हितों का ध्यान ही नहीं है। पुरे विश्वविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता चरम पर है। ऐसे भ्रष्ट तंत्र को ठीक करना आर एस ए को आता है ।अगर वर्तमान प्रशासन को थोड़ा सा शक है तो आर एस ए का इतिहास को किसी जानकार व्यक्ति से जान लेना चाहिए ।एक दिवसीय धरना के माध्यम से छात्र नेताओं ने यह घोषणा की अगर 15 दिनों के अंदर 15 सूत्री मांग को पूरा नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक ढंग से भीषण लड़ाई के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन तैयार रहें। धरना के माध्यम से संगठन चेतावनी देता है कि विश्वविद्यालय अपना कार्य शैली सुधार ले अन्यथा पदाधिकारियों के मुंह पर कालिख भी पोतएंगे लोग छात्र हित में। अगर मांग पूरा नहीं हुआ तो 15 दिन बाद संगठन अनशन प्रारम्भ करेगा। 15 सूत्री मांग इस प्रकार है। (1) विश्वविद्यालय प्रशासन पेट परीक्षा लेने की तिथि की घोषणा करें। (2)स्नातक प्रथम खंड सत्र 2020- 2021 नामांकन प्रथम मेघा सूची एवं द्वितीय मेघा सूची मैं आरक्षण नीति का पालन नहीं हुआ है। जांच कमेटी गठित कर दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए। छात्र -छात्रा को न्याय दिलाया जाए। (3) स्नातक प्रथम खंड सत्र 2020- 2021 मैं सीट बढ़ोतरी के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा जाए। साथ ही राज्य सरकार के सीट बढ़ोतरी के प्रत्याशा में जितने भी छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित हो गए हैं ।उनका नामांकन लिया जाए। (4)दिव्यांग छात्र -छात्राओं को विश्वविद्यालय द्वारा नामांकन में 5% आरक्षण का लाभ दिया जाये। (5) दृष्टि दिव्यांग छात्रों के लिए एक्सेसिबल लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाए एवम दृष्टि दिव्यांग छात्रों को एक्सेसिबल टीचिंग मटेरियल उपलब्ध कराया जाए। (6)गंगा सिंह विधि महाविद्यालय में विधि विषय में नामांकन प्रारंभ कराया जाए। (7)भोजपुरी विषय एवं समाजशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई प्रारंभ की जाए. (8) पीजीआरसी की बैठक प्रत्येक माह में हो। (9)विश्वविद्यालय स्थित ओबीसी हॉस्टल को स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के छात्रों आवंटित कराया जाए। साथ ही राजेंद्र महाविद्यालय के हॉस्टल को छात्रों को अलॉट किया जाए। (10)एनएसएस विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में मृतप्राय हो गया है। विश्वविद्यालय में कोऑर्डिनेटर किसी ऊर्जावान व्यक्ति को बनाया जाए ताकि छात्र-छात्राओं को प्रतिभा में निखार आ सके। (11)विश्वविद्यालय खेल कैलेंडर एवं सांस्कृतिक कैलेंडर तुरंत जारी करें। (12)महिला महाविद्यालय छपरा, सीवान एवम गोपालगंज जिले में 1-1 एनसीसी का कंपनी खोला जाए, ताकि वहां के छात्राएं इसकी लाभ ले सके। इसके लिए संबंधित पदाधिकारियों को विश्वविद्यालय पत्र लिखें। (13)जय प्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत जिन वोकेशनल कोर्सेज को मान्यता दी गयी है। उनमें बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन (बीएमसी), बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए), बायोटेक(बीटी), इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी(आइएमबी), इनवायरमेंटल साइंस (इएस), इंडस्ट्रियल फिश एंड फिशरी( आइएफएफ), कम्युनिकेटिव इंग्लिश(सीइ), फंक्शनल इंग्लिश, फंक्शनल हिंदी व सेल्स एंड प्रोमोशन मैनेजमेंट शामिल है। कुछ वर्षों से इसकी पढ़ाई बंद है। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से कई वोकेशनल कोर्स कॉलेज में नहीं संचालित हो रहे है। इसी सत्र में नामांकन प्रारंभ कराई जाए। (14) गृह विज्ञान विषय स्नातकोत्तर विभाग जयप्रकाश विश्वविद्यालय में खोला जाए। (15) एफिलिएटेड महाविद्यालयों में नामांकन एवं परीक्षा प्रपत्र भरने में छात्र-छात्राओं से निर्धारित शुल्क से अधिक अवैध पैसा वसूला जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी जाती है ।उसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है। आखिर क्यों? जांच कमेटी बनाकर दोषी व्यक्तियों पर विश्वविद्यालय प्रशासन करवाई करें। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संरक्षक मनीष पांडे मिंटू, विवेक कुमार विजय, अर्पित राज गोलू, परमजीत कुमार सिंह, संयोजक प्रमेन्द्र सिंह कुशवाहा विशाल सिंह, गोलू कुमार, अमरेश सिंह राजपूत, गुलशन यादव, रुपेश यादव, सौरभ सिंह, गोलू, सूरज सिंह, शिवानी पांडे, रिशु राज, नमिता, शिवनाथ सिंह, विकाश सिंह सेंगर समेत तीनो जिले के कार्यकर्ता उपस्थित है।