Mumkin hai India

  • Gallery

    खानाबदोश आदिवासी, भिखारी सहित मानसिक रोगियों को चिह्नित कर लगाया जायेगा टीका

    2021-08-21

    किशनगंज 21 अगस्त: जिले में कोरोना महामारी की दूसरी लहर लगभग थम चुकी है। जो वर्तमान में सिर्फ 07 ही मरीज संक्रमित हैं। हालांकि संक्रमण फिलहाल पूरी तरह नहीं टला है। विशेषज्ञ संक्रमण की तीसरे लहर की आशंका जाहिर कर रहे हैं। लिहाजा संक्रमण से आम लोगों के बचाव के लिये जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। गौरतलब है कि कोरोना से बचाव के लिये टीकाकरण एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हुआ है। फिर भी जिला प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सावधान है और किसी प्रकार का कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है। जिला में सभी सरकारी एवं निजी कार्यालय पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और अब शिक्षण संस्थान भी लंबे अन्तराल के उपरांत खुल चुके हैं। रविवार को छोड़कर सभी दिन सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान और माँल, रेस्टुरेंट आदि भी खुल चुके हैं।

    खानाबदोश आदिवासी, भिखारी सहित मानसिक रोगियों को चिह्नित कर लगाया जायेगा टीका:
    जिले में लगातार टीकाकरण अभियान संचालित किये जा रहे हैं। बावजूद इसके जिले की अधिकांश आबादी अब भी टीकाकरण से वंचित हैं। इसमें खासतौर पर ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जिनके पास टीकाकरण के लिये कोई वैध पहचान पत्र उपलब्ध नहीं हैं। जिले में खानाबदोश आदिवासी, इधर-उधर घूम कर जीवनयापन करने वाले साधु-महात्मा, भीख मांग कर गुजारा करने वाले लोग या सड़क किनारे जीवनयापन करने वाले भिखारी, जेल में बंद कैदी व पुनर्वास केंद्र में रह रहे 18 साल से अधिक उम्र के लोगों तथा पुनर्वास केंद्र में रहे रहे लोग सहित मानसिक रोगियों की एक बड़ी आबादी अब भी टीकाकरण से वंचित है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया कि कोरोना महामारी को जड़ से खत्म करने के लिये शतप्रतिशत लोगों का टीकाकरण जरूरी है। इन्हें चिह्नित कर जरूरी दस्तावेज नहीं होने वाबजूद टीकाकरण करवाया जायेगा।

    गाइडलाइंस का करें पूर्ण पालन:
    सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने कहा जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आई तो है परंतु संक्रमण कम नहीं हुआ है। पर्व त्योहार में भी हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है। कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करें। जिन लोगों ने संक्रमण से बचाव को लेकर टीका लिया है वे लोग भी नियमों का पालन जरूर करें। जिसमें घर से बाहर निकलते ही मास्क का प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड सैनिटाइजर अति आवश्यक है। बाजारों में लग रही अनावश्यक भीड़ संक्रमण को फिर बढ़ा सकती है। लोग भीड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने से भी परहेज कर रहे हैं। लोगों को समझने की जरूरत है कि संक्रमण के आंकड़ों में कमी आई है, संक्रमण समाप्त नहीं हुआ है। अभी भी सभी को कोविड अनुरूप व्यवहार को नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में समाहित करने की जरूरत है। 

    कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग सचेत:
    सिविल सर्जन ने बताया राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर सचेत है। देश के कुछ राज्यों में नए स्ट्रेन के मरीज पाये गए हैं और सभी को सतर्कता बरतने की जरूरत है। जिला में अभी तक नये स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन विभाग अपनी तरफ से सारे बंदोबस्त कर रहा है। अस्पतालों में बेड की क्षमता बढ़ाई जा रही है और मरीजों की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। नये स्ट्रेन अथवा तीसरी लहर को रोकने का सबसे सशक्त माध्यम कोविड का टीका लगवाना और सभी को कोविड अनुरूप आचरण का पालन हर समय करते रहना है।

    अधिक से अधिक जांच के आदेश:
    सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया कि कोरोना जांच सेंटर पर अधिक से अधिक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावे रेंडम जांच भी करने के निर्देश दिए गए हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सब्जी बाजार में भी लोगों की जांच करने के निर्देश दिए गए है। सिविल सर्जन ने कोरोना से बचाव के लिए कोरोना के नियमों का पालन करने की अपील आम लोगों से की। उन्होंने कहा कि हाथ की सफाई बराबर करते रहें। जो भी कोरोना प्रभावित राज्यों से आए हैं वे लोग कोरोना की जांच जरूर करावें ताकि उनका परिवार और समाज सुरक्षित रहे।

    संभावित तीसरी लहर से बचाव के लिए, टीकाकरण के साथ-साथ व्यवहार परिवर्तन भी है जरूरी: सिविल सर्जन 
    सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में कुल संक्रमित में से 10,169 व्यक्ति संक्रमण से ठीक भी हुए है। जिले की रिकवरी रेट 99.2 प्रतिशत है लेकिन अभी भी सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। संक्रमण की धीमी रफ़्तार को देखते हुए इस समय और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। जिले में 10 लाख 98 हजार लोगों का टीकाकरण लक्ष्य के आलोक में 3, 70, 050 लोगों को प्रथम एवं 57, 534 को दूसरा डोज दिया जा चुका है।