Mumkin hai India

  • ताजा खबरें

    सारण में बेटा नहीं जनने के कारण गई प्रमिला की जान

    छपरा: पचास हजार का ईनामी अपराधी को सारण पुलिस ने किया गिरफ्तार

    मांझी: चाकू का भय दिखा कर दिनदहाड़े बाइक और मोबाइल की लूट

    मांझी: चाकू मार किया जख्मी 18 हजार लूट फरार हुए अपराधी

    छपरा: सारण जिले में असामाजिक तत्व व अपराधी किस्म के लोगो की खैर नहीं - सारण पुलिस

    Covid-19 गाइडलाइन उल्लंघन मामले में गायिका निशा उपाध्याय पर प्राथमिकी दर्ज मैरिज हॉल हुआ सील

    यूएनएससी की खुली बहस में भारत ने दुनिया का ध्यान साइबर स्पेस के गलत इस्तेमाल की तरफ खींचा

    मुख्यमंत्री केजरीवाल का एलान, पंजाब में 'आप' की सरकार बानी तो 300 यूनिट बिजली होगी फ्री

    बालाजी श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर होंगे। दिल्ली पुलिस कमिश्नर

    लक्ष्य हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्प, लगन के साथ सही दिशा में प्रयास बेहद जरूरी- दीपक आनंद

    ठनका गिरने से युवती की मौत

    कोरोना की लड़ाई में विपक्षी दल बाधक, जनता को कर रही है गुमराह: जेपी नड्डा

    अगले सप्ताह 'अग्नि प्राइम' ​मिसाइल का होगा ​परीक्षण ​​​​, उड़ीसा के तट पर हो रहा है तैयारी

    बंगाल सरकार ने माध्यमिक और उच्च-माध्यमिक की परीक्षाएं की रद्द

    ना तो भाजपा का सक्रिय सदस्य हूं, ना ही किसी संगठन से जुड़ा व्यक्ति हूं: वसीम रिजवी

    लाहौर में आतंकी हाफिस सईद के घर के पास हुए धमाके में तीन लोगों की मौत, 23 घायल

    छपरा: तेज आंधी पानी के दौरान ठनका गिरने से एक युवक की मौत

    छपरा: बाबा रामदेव के द्वारा किए गए आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में डॉक्टरों का आक्रोश

    SC ने12वीं की परीक्षाएं रद्द नहीं करने वाले राज्यों को भेजा नोटिस

    गृह मंत्रालय ने हटाई मुकुल रॉय की Z सिक्‍योरिटी

    राम मंदिर ट्रस्ट मामला:नोएडा से लेकर प्रयागराज तक कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, हुई गिरफ्तारियां

    CBSE RESULT: अगले महीने जारी होगा 12वीं बोर्ड का रिजल्ट, इस आधार पर निर्धारित होंगे अंक

    दक्षिण सूडान में 135 भारतीय सैनिक संयुक्त राष्ट्र पदक से सम्मनित

    सुप्रीम कोर्ट ने इटली के दो नौसैनिकों पर भारत में चल रहे मुकदमे को बंद करने का दिया आदेश

    सीआईएसएफ ने संभाली भारत बायोटेक के परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी

    अब गुजरात मे भी शादी के लिए जबरन धर्म परिवर्तन कराना होगा अपराध, लव जिहाद कानून हुआ लागू

    Gallery

    मधेपुरा जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 6 माह के बच्चों को कराया गया अन्नप्राशन

    2021-08-19

    मधेपुरा, 19 अगस्त: प्रत्येक माह की 19वीं तारीख को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अन्नप्राशन दिवस मनाया जाता है जिसके तहत संबंधित आंगनबाड़ी केन्द्रों के पोषक क्षेत्रों के 6 माह के शिशुओं को अनुपूरक आहार खिलाया जाता है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वच्छता पूरा ख्याल रखते हुए खीर बनायी जाती है एवं 6 माह पूर्ण कर चुके बच्चों को खीर खिलाकर उनके ऊपरी आहर की शुरुआत की जाती है। इस दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयी महिलाओं एवं उनके परिजनों को शिशुओं के पोषण संबंधी जानकारी भी सेविकाओं द्वारा दी जाती है। समेकित बाल विकास परियोजना, मधेपुरा की जिला पोषण समन्वयक अंशु कुमारी ने बताया शिशु एवं उनकी माताओं को सही पोषण हो सके इसके लिए जरूरी है कि उन्हें पोषण के बारे में उचित समझ विकसित की जाय एवं सही पोषण के फायदे से उन्हें अवगत कराया जाय। ऐसा करने से सामुदायिक स्तर पर लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता आती है जो शिशु एवं माताओं के लिए बेहतर कल के लिए बहुत जरूरी है।

    अनुपूरक आहार की आवश्यकता एवं लाभ से कराया जाता है अवगत:
    अंशु कुमारी ने बताया इस अवसर पर न केवल वैसी मताएं  आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आती हैं  जिनके शिशु की उम्र 6 माह हो चुकी है|, उनके साथ और कई महिलाऐं आती हैं जो संभावित मां एवं 6 माह से अधिक के शिशुओं की माता भी रहती हैं। उनकी उत्सुक्ता इस बात पर ज्यादा होती है कि आज आंगनबाड़ी में क्या होगा? उनकी उत्सुक्ता जायज भी है। उन्हें अपने संभावित शिशु के पोषण, प्रसव पूर्व पोषण, प्रसव पश्चात पोषण आदि की जानकारी होना बहुत जरूरी है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक माह के 19वीं तारीख को अन्नप्राशन दिवस आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया 6 माह से 9 माह तक के शिशुओं को पूरे दिन में लगभग 200 ग्राम सुपाच्य एवं अच्छी तरह से मसला हुआ बाहरी आहार देना आरंभ कर देना चाहिए। वहीं 9 माह से एक वर्ष तक के शिशुओं को 300 ग्राम मसला हुआ ठोस ऊपरी आहार देना जरूरी है। एक वर्ष से अधिक उम्र के शिशुओं को आने वाले एक साल तक लगभग 500 ग्राम अनुपूरक आहार दिया जाना चाहिए। ताकि शिशुओं का सम्पूर्ण शारीरिक एवं मानसिक विकास हो सके।

    6 माह तक केवल स्तनापान:
    जिला पोषण समन्वयक ने बताया इस दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा माताओं को 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराने की सलाह दी जाती है। माताओं को इस बात से अवगत कराया जाता है कि मां में बनने वाला दूध उनके शिशु के लिए एक सुपाच्य एवं पौष्टिक आहार है।