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    कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण बहुत जरूरी

    2021-08-17

    पूर्णिया, 17 अगस्त: कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब धीरे-धीरे समाप्त होने लगी है। जिस कारण अब नये मामलों का मिलना लगभग शून्य के बराबर हो गया है। वहीं सक्रिय मामलों की बात करें तो यह भी अब नहीं के बराबर ही हैं। हालांकि कभी कभार कुछ दिनों के अंतराल पर जिले में एक या दो कोरोना संक्रमण के नये मामले मिल जाते हैं। इस बीच जिले में कोविड-19 टीकाकरण सूक्ष्म कार्ययोजना के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। केयर इंडिया के सहयोग से टीका एक्सप्रेस द्वारा प्रतिदिन कार्ययोजना के अनुरूप चयनित सत्र स्थलों पर नियत समयानुसार लाभार्थियों को कोविड का टीका लगाया जा रहा है। जिले के किसी भी प्रखंडों से अभी तक कोविड-19 टीकाकरण के दुष्परिणाम सामने नहीं आये हैं। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान बाधित की गई स्वास्थ्य सेवायें अब पूरी तरह से आरंभ कर दी गई हैं।


    दूसरा डोज लेने वालों की संख्या में लगातार हो रहा है इज़ाफ़ा: अपर निदेशक
    स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ वीर कुंवर सिंह ने बताया पूर्णिया प्रमंडल में 18 आयुवर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोविड टीकाकरण किया जाना है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान से ही बृहत पैमाने पर कोविड-19 टीकाकरण कराये जाने से संबंधित कई तरह के आवश्यक दिशा-निर्देश सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं। जिसके आलोक में पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज एवं अररिया ज़िले में कई बार टीकाकरण को लेकर विशेष टीकाकरण अभियान चलाकर एक दिन में अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जाने लगा हैं। अब वैसे लोगों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है जो अपना पहला डोज लेने के बाद दूसरा डोज नहीं लिए थे लेकिन अब दूसरा डोज लेने के लिए लाइन में खड़े दिख रहे हैं। अब तक पूर्णिया प्रमंडल के हेल्थ केयर वर्करों की बात करें तो 44946 ने पहला डोज लिया है तो 34965 लोगों ने दूसरा डोज ले लिया है। इसी तरह फ्रंट लाइन वर्करों ने भी 59138 ने पहला तो 24703 ने दूसरा डोज लिया है। इन चारों ज़िले के 2, 262, 014 लाभार्थियों ने टीके का पहला डोज़ लिया है जबकिं 380, 466 लाभार्थियों ने दूसरा डोज ले लिया है।


    शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों में कर्मियों द्वारा लाभार्थियों को किया जा रहा है टीकाकृत: सिविल सर्जन
    सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया जिले में अभी तक 13755 हेल्थ केयर वर्करों ने पहला डोज तो 10919 ने दूसरा डोज ले लिया है। वहीं फ्रंट लाइन वर्करों की बात की जाए तो 22721 ने पहला तो 7455 ने दूसरा डोज़  ले लिया है। इसी तरह 18 से 44 आयुवर्ग के 422582 युवाओं ने पहला डोज लिया है जबकिं 47957 युवाओं ने टीके का दूसरा डोज़ ले लिया है। तो वहीं 45 से 60 आयुवर्ष के 236984 लाभार्थियों ने पहला तो 77021 ने दूसरा डोज ले लिया है। इसी तरह 134751 वरिष्ठ नागरिकों ने पहला डोज लिया है तो 47026 बुजुर्गों ने टीके का दूसरा डोज ले लिया है। अब अधिकांश लोगों का दूसरा डोज लेने का समय नजदीक आता जा रहा है। हालांकि अब जिलेवासियों में टीकाकरण को लेकर किसी भी तरह से कोई भ्रम या भय व्याप्त नहीं है।

     

    पहला डोज़ लेने के बाद दूसरा डोज़ लेना न भूलें: सीएस 
    दूसरा डोज लेने वाले लाभार्थियों में कमी का कारण यह है कि राज्य का पिछड़ा इलाका होने के कारण यहां के निवासियों ने अपने जिले में पहला डोज ले लिया है जबकि दूसरा डोज लेने के समय वह किसी अन्य प्रदेशों में चला गया था। जिस कारण दूसरा डोज लेने वालों की संख्या में कमी आई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों में कर्मियों द्वारा टीके लेने लायक लाभार्थियों को टीकाकृत किया जा रहा है। जिलेवासियों से अपील है कि पहला डोज लेने के बाद दूसरा डोज लेना नहीं भूलें। हालांकि सभी आयुवर्ग के लोग काफ़ी उत्साह के साथ कोविड का टीका ले रहे हैं। उन्हें चाहिए कि अपना दूसरा डोज भी नियत समय पर लगवा लें। ताकि कोरोना की संभावित तीसरी लहर से अपने व अपने परिवार या समाज को बचाया जा सके।