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    स्वास्थ्य संस्थानों में सफाई एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने को स्वास्थ्य कर्मियों का एक दिवसीय प्

    2021-08-11

    पूर्णिया, 11 अगस्त: जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में  लोगों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए 'कायाकल्प योजना' के तहत सभी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक व सभी स्वास्थ्य संस्थान के कर्मचारी, नर्स/एएनएम को एक दिवसीय प्रशिक्षण सदर अस्पताल प्रतिरक्षण सभागार में दिया गया। सिविल सर्जन डॉ. एस. के. वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि सभी अस्पतालों की विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जाए जिससे कि किसी भी आम आदमी को कोई समस्या नहीं हो। लोगों को बेहतर व्यवस्था मिलने पर सम्बंधित अस्पताल को पुरस्कृत किया जाएगा। अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने में यूनिसेफ द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाता है जिसका उपयोग कर सभी अस्पताल अपने कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रशिक्षण में यूनिसेफ से राज्य सलाहकार राजेश नलमुत्थू, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विनय मोहन, डीसीएम संजय दिनकर, यूनिसेफ के प्रमंडलीय सलाहकार शिवशेखर आनंद, डिसिक्यूए अनिल कुमार के साथ सभी प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।

    नियमित उपलब्ध कराएं मूल्यांकन रिपोर्ट: सीएस
    प्रशिक्षण में सिविल सर्जन डॉ. एस. के. वर्मा ने कहा कि सभी अस्पतालों को कायाकल्प योजना के लिए तिमाही मूल्यांकन रिपोर्ट ससमय भेजने की आवश्यकता है। कायाकल्प योजना के तहत मुख्य रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा, बैसा, भवानीपुर के साथ अनुमंडलीय अस्पताल बनबनखी, रुपौली एवं अमौर का प्रमाणीकरण किया जाना है। लेकिन इसके अलावा भी अन्य सभी अस्पतालों में साफ-सफाई, बेहतर शौचालय, पीने योग्य स्वच्छ पानी आदि की बेहतर व्यवस्था का ध्यान रखना आवश्यक है जिससे कि किसी भी मरीज या उनके परिजनों को किसी तरह की कोई समस्या न हो सके। 

    बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने पर संस्थानों को किया जाता है पुरस्कृत: 
    अस्पतालों द्वारा बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने पर 'कायाकल्प योजना' के तहत उक्त अस्पतालों को सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाता है जिसकी  25 प्रतिशत राशि चयनित अस्पताल के कर्मचारियों के बीच नगद प्रोत्साहन राशि के रूप में तथा शेष 75 प्रतिशत राशि एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एस्सुरेंस स्टैण्डर्ड) से सम्बंधित कार्य या गुणवत्ता सुधार पर खर्च किया जाता है। इसमें पीने का पानी की समुचित व्यवस्था, फायर सेफ्टी सिस्टम को बनाना, हर्बल गार्डन विकसित करना, रैंप एवं रोलिंग, दिव्यांग के लिए शौचालय निर्माण, लूज हैंगिंग वायर को ठीक करना, कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड, पेस्ट कंट्रोल, दरवाजा एवं खिडकियों के लिए वायर, परदे, भीतरी एवं बाहरी दीवारों की पेंटिंग, मेस, अस्पताल में रोशनी व्यवस्था व लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, रक्त अधिग्रहण यंत्र, सभी कर्मचारियों का टीकाकरण, किचन ट्राॅली सहित वे चीजें, जो कायाकल्प चेकलिस्ट द्वारा चिह्नित हो आदि मुख्य हैं।

    जिले के कई अस्पताल बेहतर व्यवस्था के लिए हो चुके हैं पुरस्कृत: 
    कायाकल्प योजना के तहत पूर्व में भी जिले के कई अस्पतालों को पुरस्कृत किया जा चुका है। जिसमें सदर अस्पताल को 2018 में राज्य सरकार द्वारा सेकेंड रनरअप के रूप में 10 लाख रुपए की राशि दी गई थी। राज्य सरकार द्वारा जिले के यूपीएचसी माता स्थान को भी कायाकल्प योजना के तहत पुरस्कृत किया गया है। 2019 में एपीएचसी रानीपतरा को प्रथम एवं एपीएचसी चम्पानगर को द्वितीय पुरस्कार जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कायाकल्प योजना के तहत दिया गया था।