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    कटिहार ज़िले में 20 सितम्बर से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान

    2021-08-07

    कटिहार, 07 अगस्त:जन-स्वास्थ्य से जुड़े फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर आगामी 20 सितंबर से प्रस्तावित एमडीए (सर्वजन दवा सेवन) कार्यक्रम की सफलता के लिए कटिहार जिले में तैयारी को लेकर ज़िला स्वास्थ्य समिति के सभागार में सिविल सर्जन डॉ डीएन पाण्डेय के अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सिविल सर्जन ने बताया जिले के सभी पीएचसी में ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को प्रशिक्षण देने के लिए विचार-विमर्श किया गया। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के रूप में आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ एएनएम को भी इस अभियान में लगाया जाएगा। जो एक साथ पूरे जिले में सभी लोगों को फाइलेरिया की खुराक खिलाने का काम करेंगी। अगर दो साल की उम्र पूरी करने के बाद पांच साल तक लगातार साल में एक बार फाइलेरिया की दवा का सेवन किया जाए तो व्यक्ति इस बीमारी से प्रतिरक्षित हो जाता है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ डीएन पाण्डेय, ज़िला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ जेपी सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कनक रंजन, डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ दिलीप कुमार व केयर इंडिया के डीपीओं चंदन कुमार सहित ज़िले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीसीएम, केटीएस एवं केयर इंडिया के ओर से केबीसी उपस्थित थे।


    उम्र के हिसाब से दी जाएगी खुराक: सीएस 
    सिविल सर्जन डॉ डीएन पाण्डेय ने बताया फाइलेरिया का खुराक खिलाने के लिए तीन एज ग्रुप निर्धारित किया गया है। जिसमें 02 आयुवर्ष से लेकर 5 वर्ष के सभी बच्चों को एक एलबेंडाजोल एवं एक डीईसी की खुराक दी जाएगी। वहीं 06 से 14 वर्ष तक के बच्चों को एक एलबेंडाजोल एवं 2 डीईसी तथा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को एक एल्बेंडाजोल तथा 3 डीईसी की खुराक दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं के अलावा गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को फाइलेरिया की खुराक नहीं खिलाई जाएगी। फाइलेरिया जैसी लाइलाज़ बीमारी से बचना है तो एमडीए का खुराक खाना ही पड़ेगा क्योंकि अभी तक इसका स्थायी उपचार संभव नहीं है।


    कोविड-19 संक्रमण का रखा जाएगा ख्याल: डॉ जेपी सिंह 
    ज़िला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ जय प्रकाश सिंह ने बताया कोविड-19 संक्रमण काल के दौरान चलाए जा रहे सभी तरह के कार्यक्रमों में सरकार द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देश का भी पालन किया जाएगा। 20 सितम्बर से प्रस्तावित फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में भी कोविड-19 के गाइडलाइन का ख्याल रखा जाएगा। एमडीए कार्यक्रम से जुड़े सभी तरह के कर्मियों या अधिकारियों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग, सामाजिक दूरी का पालन व हाथों में ग्लब्स पहनकर ही किसी को दवा खिलाना होगा। दवा खिलाते समय कोविड-19 को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसके लिए सभी कर्मियों को मास्क, ग्लब्स सहित कई अन्य तरह के वस्तुओं को समय से पहले  उपलब्ध करा दिया जाएगा। दवा को छुए बिना ही मिट्टी के पात्र के माध्यम से लोगों को दवा खिलाई जानी है।

    02 वर्ष के ऊपर वाले सभी लोगों को खिलाई जाएगी एमडीए की ख़ुराक़: डॉ दिलीप
    डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ दिलीप ने बताया जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर आगामी 20 सितंबर से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। जिसके तहत 2 आयुवर्ष के ऊपर सभी लोगों को दवा खिलाई जाएगी। लेकिन जन्म से लेकर 2 वर्ष तक एवं गर्भवती महिलाओं को इसकी ख़ुराक़ नही दी जाएगी। फैलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) के अंतर्गत लोगों को दवा खिलाई जाएगी।

    परजीवी संक्रमित मच्छर के काटने से हो सकता है फाइलेरिया: डीपीओ 
    केयर इंडिया के डीपीओ चंदन कुमार ने बताया फाइलेरिया रोग परजीवी संक्रमित मच्छर के काटने से हो सकता है। इसका लक्षण दिखने में लगभग 8 से 16 माह या इससे अधिक का समय लग सकता है। कार्यक्रम की शत प्रतिशत सफल बनाने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में केयर इंडिया की ओर से एक-एक एमडीए समन्वयक 45 दिनों के लिए प्रतिनियुक्त किये जायेंगे। फाइलेरिया से संक्रमित होने पर उसकी लक्षण की बात करें तो अत्यधिक पसीना आना, सिर दर्द होना, हड्डी और जोड़ों में दर्द, भूख में कमी, उल्टी आदि, जंघासो, घुटने के नीचे, कांख आदि की भित्तियों और अण्डकोष में दर्द के साथ सूजन का होना होता है।