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    अररिया जिले में कोरोना टीकाकरण को बढ़ावा देने में जीविका दीदियों का प्रयास सराहनीय

    2021-07-19

    अररिया, 19 जुलाई: जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान की सफलता में जीविका महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। जीविका द्वारा संचालित ग्राम संगठन टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने व समूह की महिलाओं के माध्यम से आम ग्रामीणों को जागरूक करने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहा है। टीकाकरण के मामले में तो कुछ ग्राम संगठनों की भूमिका खासतौर पर उल्लेखनीय है। जिनके माध्मय से शत प्रतिशत समूह की महिलाओं का टीकाकरण संपन्न हो चुका है। गौरतलब है कि जिले में जीविका के 1989 ग्राम संगठनों के अधीन कुल 27332 एसएचजी समूह का संचालन किया जा रहा है। जिले की कुल 324299 महिलाएं इन एसएचजी समूह से जुड़ी हुई हैं। प्राथमिकता के आधार पर जिनका टीकाकरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिले में दीदी के लिये टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। 

    अब तक 1.69 लाख जीविका दीदियों ने लिया टीका का पहला डोज: 
    जिला रोजगार प्रबंधक सह प्रभारी जिला स्वास्थ्य व पोषण समन्वयक अमित सागर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में जीविका समूह की 324299 दीदियों को टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें अब तक 169436 दीदियों ने टीका का पहला डोज ले लिया है। टीका की  दूसरी  डोज ले चुकी  दीदियों की कुल संख्या 15230 है। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों को कोविड माड्यूल को लेकर खासतौर पर प्रशिक्षित किया गया है। गांव के आम आबादी को संक्रमण से बचाव,  टीकाकरण के महत्व से अवगत कराने में भी जीविका दीदी सराहनीय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में जीविका के एनएच एमआरपी, सीएनआरपी, कम्यूनिटी मोबिलाइजर के द्वारा समूह व ग्राम संगठनों के बीच कोरोना से संबंधित माड्यूल की चर्चा कर दीदियों को इसके प्रति जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।   


    महिला व भारती ग्राम संगठन में शतप्रतिशत टीकाकरण का कार्य संपन्न: 
    जीविका के जिला स्वास्थ्य व पोषण समन्वयक अमित सागर ने बताया कि जिले के रानीगंज प्रखंड अंतर्गत खरहट पंचायत की  महिला व भारती ग्राम संगठन के माध्यम से शत प्रतिशत टीकाकरण का कार्य संपन्न हो चुका है। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एक ग्राम संगठन के अधीन औसतन 11 एसएचजी समूह का संचालन किया जाता है। एक एसएचजी समूह में कम से कम 12 से 15 दीदी शामिल होती हैं। इस तरह से देखा जाये तो इन दो ग्राम संगठनों की बदौलत तीन सौ से अधिक दीदियों का टीकाकरण हो चुका है। टीकाकरण को लेकर अमूमन सभी ग्राम संगठन बेहतर कार्य कर रहे हैं। औसतन सभी ग्राम संगठनों के माध्यम से 60 फीसदी टीकाकरण का कार्य संपन्न कर लिया गया है। वैसे जीविका दीदियों के टीकाकरण में फिलहाल हमारी उपलब्धि 52 फीसदी से अधिक है। 


    शत-प्रतिशत उपलब्धि में जीविका एमआरपी की भूमिका महत्वपूर्ण: 
    जीविका के प्रबंधन संचार अधिकारी नारायण कुमार ने बताया कि टीकाकरण मामले में महिमा व भारती ग्राम संगठन की शत-प्रतिशत उपलब्धि मामले में एचएनएस एमआरपी सीमा कुमारी की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हुई। बताया गया कि सीमा ने इसे लेकर खासतौर पर माइक्रोप्लान तैयार किया। टीकाकरण से वंचित दीदियों को सूचीबद्ध करते हुए टीकाकरण के लिये निर्धारित सत्र स्थलों तक उन्हें लाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। लिहाजा शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल किया जा सका।


    बेहतर रणनीति व सफल क्रियान्वयन से लक्ष्य हुआ आसान: 
    महिला व भारती ग्राम संगठन के शतप्रतिशत टीकाकरण की उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए एचएनएस एमआरपी सीमा कुमारी ने बताया कि बेहतर रणनीति व इसके सफल क्रियान्वयन से लक्ष्य प्राप्ति आसान साबित हुआ। उन्होंने कहा कि संक्रमण के शुरुआती दौर से ही समूह की महिलाओं को संक्रमण के खतरे, इससे बचाव के उपाय व टीकाकरण के महत्व के प्रति लागातर जागरूक किया जाता रहा है। बावजूद इसके समूह की बहुत सी महिलाएं टीकाकरण से परहेज कर रही थी। इसके लिये व्यक्तिगत तौर पर उनकी काउंसिलिंग की गयी। माइक्रोप्लान तैयार किया गया। टीकाकरण से वंचित महिलाओं को सूचीबद्ध किया गया। ताकि उनका टीकाकरण सुनिश्चित कराया जा सके। निर्धारित तिथि को उन्हें सत्र स्थलों पर बुलाने में समूह की अन्य महिलाओं का उन्हें समुचित सहयोग तो प्राप्त हुआ ही। साथ ही जीविका के जिलास्तरीय अधिकारियों ने भी इस कार्य में बढ़-चढ़ कर अपनी भागीदारी निभाई। जो लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में बेहद मददगार साबित हुआ।