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    पूर्णिया जिले में कालाजार से बचाव के लिए कीटनाशक का छिड़काव शुरू

    2021-07-15

    पूर्णिया, 15 जुलाई: ज़िले को कालाजार से मुक्ति के लिए विभिन्न प्रखंडों में चिह्नित किये गए आक्रांत गांवों में सिंथेटिक पायरोथाइराइड कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा। साथ ही इस बीमारी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के उदेश्य से विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। हालांकि वर्तमान में जिला में कालाजार के मरीज़ों की संख्या मात्र 12 ही रह गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर बैनर, पोस्टर के अलावा प्रचार वाहन के माध्यम से आक्रांत गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाता है। जिस कारण कालाजार के मामलों में पहले की अपेक्षा कमी आई है। सिविल सर्जन डॉ एसके वर्मा ने बताया जिले में कालाजार जैसी बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, के अलावा केयर इंडिया व पीसीआई के अधिकारी व कर्मी अपने-अपने स्तर से लगे हुए हैं। इसके लिए ज़िले के दलित, महादलित व झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को कालाजार से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।


    रानीपतरा गांव स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से कालाजार छिड़काव का उद्घाटन: 
    पूर्णिया पूर्व पीएचसी के अंतर्गत आने वाले रानीपतरा गांव स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से सीएस डॉ एसके वर्मा, एसीएमओ डॉ विष्णु प्रसाद अग्रवाल, डीएमओ डॉ राजेन्द्र प्रसाद मंडल, डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह व केयर इंडिया के डीपीओ चंदन कुमार सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर  कालाजार छिड़काव का उद्घाटन किया गया। जबकि इस अवसर पर डीसीएम संजय कुमार दिनकर, विविसीओ रवि रंजन सिंह, पीसीआई के गौरव किशन, पूर्णिया पूर्व पीएचसी के एमओआईसी डॉ शरद कुमार, बीएचएम विभव कुमार व केयर इंडिया के बीएम शिव शंकर उपस्थित थे।


    कालाजार संक्रमण से मुक्ति के लिए एक दूसरे का सहयोग अपेक्षित: सिविल सर्जन
    कोरोना संक्रमण काल के दौरान कालाजार से बचाव के लिए हमलोगों बहुत ज़्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासकर गर्मी के दिनों में बहुत ज़्यादा बचाव करनी पड़ती हैं क्योंकि गर्मी के दिनों में इसका असर ज्यादा होता हैं। जो कि एक तरह से फैलने वाली संक्रामक जैसी बीमारी होती है। जो गर्मी के दिनों में बालू मक्खी के काटने से होती है। दीपावली, छठ पर्व या शादी समारोह के दौरान जिस तरह से हमलोग अपने-अपने घरों की सफ़ाई करते हैं। ठीक उसी तरह से सफाई करने की आवश्यकता है। ताकि कालाजार जैसी भयानक बीमारी को जड़ से नष्ट किया जा सके। इसके साथ ही घर के आसपास या बगल में मवेशियों को रहने के लिए बनाये गए स्थान, बथान, दलान या नाले की सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अलावा केयर इंडिया व पीसीआई का सहयोग लिया जा रहा है। वहीं प्रखण्ड स्तर पर वेक्टर बॉर्न डिजीज सुपरवाइजर, बेसिक हेल्थ इंस्पेक्टर, बेसिक हेल्थवर्कर, केयर इंडिया के प्रखंड समन्वयक, एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है।


    66 दिनों तक चलने वाले अभियान में 82 टीम 304 गांवों में करेगी छिड़काव: डीएमओ 
    जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आरपी मंडल ने बताया सिंथेटिक पायरोथाइराइड छिड़काव के लिए 82 टीम बनाई गयी है। जिसमें एक टीम में 6 सदस्यों को शामिल किया गया है। 15 जुलाई से 30 सितंबर (66 दिनों) तक चलने वाले इस छिड़काव के लिए लगभग 304 आक्रांत गांवों का चयन किया गया हैं। जहां पर कालाजार के मरीज़ पाए गए हैं। इसके लिए जिलेवासियों के बीच जागरूकता लाने की जरूरत है। जिसमें सभी को अपने-अपने घरों में छिड़काव के लिए निर्धारित समय पर सक्रिय रूप से सहयोग करने की आवश्यकता है। ज़िले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने स्तर से छिड़काव के पूर्व चयनित आक्रांत गांवों में माइकिंग एवं छिड़काव कराने से क्या फ़ायदे हैं के संबंध में जानकारी देने के लिए बैनर व फ्लेक्स लगवाना सुनिश्चित करेंगे। छिड़काव के पहले ही संबंधित गांव की आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से कालाजार पर एक आयोजन कराया जायेगा। जिसमें छिड़काव से पहले व बाद में बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में स्थानीय ग्रामीणों को जानकारी दी जायेगी। 


    पूर्णिया पूर्व प्रखण्ड के 19 पंचायतों के 29 गांवों में एसपी का होगा छिड़काव: डीपीओ 
    केयर इंडिया के डीपीओ चंदन कुमार सिंह ने बताया ज़िले के 304 आक्रांत गांवों में 82 भ्रमणशील टीम के द्वारा सिंथेटिक पायरोथाइराइड का छिड़काव 15 जुलाई से 30 सितंबर तक कराया जा रहा है। जबकिं पूर्णिया पूर्व प्रखण्ड के लगभग दो लाख आबादी वाले क्षेत्रों में 09 टीम के द्वारा 19 पंचायतों के 29 गांवों में सिंथेटिक पायरोथाइराइड छिड़काव करना है। क्योंकि कालाजार से बचने के लिए इससे बेहतर कोई भी विकल्प नहीं है। इससे बचाव के लिए हम सभी को भी सतर्क रहते हुए आसपास की जगहों की सफाई करते रहना है। रुक-रुक का बुखार आना, भूख कम लगना, शरीर में पीलापन और वजन का घटना, तिल्ली और लिवर का आकार बढ़ना, त्वचा सूखी और पतली होना, बाल का झड़ना जैसे लक्षण किसी भी व्यक्ति में पाए जाते हैं तो जल्द ही चिकित्सीय परामर्श लेने की जरूरत होती हैं।