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    डेंगू की रोकथाम के लिये जन भागीदारी सुनिश्चित कराने का होगा प्रयास

    2021-07-04

    अररिया, 04 जुलाई: बारिश का मौसम शुरू होते ही जिले में डेंगू का खतरा मंडराने लगता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों की रोक-थाम को लेकर खास सतर्क है। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने इसके लेकर सभी जिले के डीवीबीडीसीओ को आवश्यक निर्देश दिये हैं। इसके मुताबिक जुलाई माह को डेंगू माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। डेंगू माह के दौरान डेंगू से बचाव को लेकर जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाना है। 

    डेंगू की रोकथाम के लिये किये गये हैं खास उपाय: 
    इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि बारिश के मौसम में डेंगू के खतरों को देखते हुए पूरे जुलाई माह एंटी डेंगू माह के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। डेंगू की रोकथाम के लिये जिले में खास उपाय किये गये हैं। इसके तहत फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में विशेष डेंगू वार्ड स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी 09 पीएचसी में डेंगू जांच के लिये किट उपलब्ध करा दिया गया है। डेंगू के संभावित खतरों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आशा कार्यकर्ताओं की मदद से हैण्डबिल का वितरण किया जा रहा है। सभी पीएचसी, समाहरणालय, बस स्टैंड सहित महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर बड़े-बड़े होर्डिंग व बैनर लगाये गये हैं। ताकि आम लोगों को डेंगू के खतरों के प्रति जागरूक किया जा सके। 

    डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करना अभियान का मुख्य मकसद: 
    जानकारी देते हुए वीडीसीओ ललन कुमार ने कहा कि डेंगू माह के दौरान मच्छर प्रजनन स्थलों को चिह्नित कर से रोकने के उपायों के प्रति आम लोगों को जागरूक किया जाना है। पानी टंकी व घर के अंदर साफ पानी जमा करने के बर्तनों को ढक कर रखने के लिये आम लोगों को प्रेरित किया जायेगा। दिन में भी मच्छर से बचने के लिये व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों को अपनाने के लिये आम लोगों को जागरूक किया जाना है। ताकि डेंगू के खतरों को कम किया जा सके। 

    डेंगू की रोकथाम के लिये जनभागीदारी बढ़ाने का होगा प्रयास: 
    वीबीडीसी सुरेंद्र बाबू के मुताबिक डेंगू माह के दौरान शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू मरीजों की पहचान के लिये सघन अभियान का संचालन किया जायेगा। इस दौरान संदिग्ध पाये गये मरीजों को उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया जायेगा। निर्धारित योजना के तहत डेंगू की रोकथाम संबंधी गतिविधियों में जनसमुदाय की सहभागिता सुनिश्चित कराने के विशेष पहल किये जाने की बात उन्होंने कही।  

    ये हैं डेंगू के लक्षण: 
    - अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार होना 
    - मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना
    - आंखों के पीछे दर्द होना, जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है.
    - घबराहट होना व उल्टी होना
    - गंभीर मामलों में नाक, मूंह मसूड़ों से खून आना व त्वचा पर चकते उभरना