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    विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिले में परिवार नियोजन पखवाड़ा शुरू

    2021-06-28

    किशनगंज, 28 जून: जिले में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण की दर में गिरावट को देखते हुए परिवार नियोजन सेवाओं को नियमित करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में एडिशनल सेक्रेट्री और नेशनल हेल्थ मिशन की एडिशनल डायरेक्टर वंदना गुरनानी एवं राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सज्जाद अहमद ने जिला पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है। इसमें नियमित सेवा सामान्य होने तक योग्य दंपत्ति को महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी एवं आईयूसीडी की सुविधा प्रदान किया जाना स्थगित रखे जाने का निर्देश निर्गत किया  गया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा 11 जुलाई 2021 को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 27 जून से 10 जुलाई तक दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा एवं 11 से 24 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। पत्र में बताया गया है कि पिछले 11 वर्षों से यह देखा गया है कि फैमिली प्लानिंग सर्विस की डिलीवरी के साथ ही इसके प्रति इन्फॉर्मेशन, एजुकेशन और कम्युनिकेशन के साथ-साथ एडवोकेसी की दिशा में भी बहुत अच्छा काम हुआ है। इस समय जब पूरा देश कोरोना महामारी के मध्य स्थिति से गुजर रहा है उस वक्त रिप्रोडक्टिव हेल्थ सर्विसेज का महत्व काफी अधिक बढ़ जाता है। इसके तहत न सिर्फ अनवांटेड प्रेग्नेंसी को बल्कि पूरे मैटरनल और न्यू बोर्न केयर को कवर करना है। पिछले वर्ष वर्ल्ड पॉपुलेशन डे के बेहतर रिस्पांस को देखते हुए इस वर्ष दो चरणों में वर्ल्ड पॉपुलेशन डे कैंपेन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

    पुरुष नसबंदी व महिला बंध्याकरण की सेवाएं होगी शुरू:
    जिले में कोविड-19 की घटती संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत सभी प्रकार की सेवाओं यथा- महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी एवं आईयूसीडी सहित सभी परिवार नियोजन सेवा को पूर्व की भांति नियमानुसार नियमित रूप से संचालित किया जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत सभी प्रकार की सेवाओं को पूर्व की भांति नियमित रूप से संचालित किया जाए, जिसमें पीपीपी मोड अंतर्गत संबंधित संस्थान से भी नियमानुसार कार्य लिया जा सकता है। 
    परिवार नियोजन की अस्थायी सेवाओं को करें सुनिश्चित
    सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया की सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर यह सुनिश्चित किया जाए कि दैनिक गर्भ निरोधक गोली, साप्ताहिक गर्भ निरोधक गोली, आपातकालीन गर्भ निरोधक गोली, निरोध, गर्भ जांच किट एवं अंतरा की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आवश्यकतानुसार एफपीएलएमआईएस के माध्यम से मांग एवं आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है। उक्त गर्भनिरोधक सामग्रियों की एएनएम व आशा के पास उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। स्वास्थ्य संस्थानों में कंडोम बॉक्स एवं कंट्रासेप्टिव डिस्पले ट्रे में भी संबंधित गर्भ निरोधकों की आवश्यक मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

    दो चरणों में पूरा होगा पखवाड़ा: सीएस 
    सिविल सर्जन श्री नंदन ने बताया कार्यक्रम को दो चरणों में मनाया जाना प्रस्तावित है, पहला चरण जनसंख्या जागरूकता पखवाड़ा सह दंपति संपर्क पखवाड़ा 27 जून से 10 जुलाई तक जो परिवार नियोजन के महत्व के बारे में लोगों की जागरूकता पर केंद्रित होगा और दूसरा चरण जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा 11 से 24 जुलाई तक जो सेवा प्रावधान पर ध्यान केंद्रित करेगा। विकल्पों की टोकरी पर ग्राहकों की परामर्श में गतिविधियों के दौरान टेली परामर्श को प्राथमिकता दी जाएगी। गांव में भी लोगों को जागरूक करने के लिए नेहरू युवा केंद्र, स्थानीय गैर सरकारी संगठनों को सूचीबद्ध किया जाएगा।


    बैठक आयोजित कर की जा रही है तैयारी: 
    सिविल सर्जन श्री नंदन ने बताया वर्ल्ड पॉपुलेशन डे कैंपेन के आयोजन को ले जिले में जिलास्तरीय और प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के क्षमतावर्धन के लिए प्रखंड विकास अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिले के सभी प्रखंड में बैठक आयोजित कर तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं, आईसीडीएस कर्मियों के लिए भी प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा डिस्प्ले पोस्टर के माध्यम से जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता, विवाह में देरी और पहले बच्चे का जन्म समय और दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल के अंतराल के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रासेप्टिव मेथड के इस्तेमाल के बारे में भी ऑनलाइन तरीके से कॉउंसिलिंग की जा रही है। फैमिली प्लानिंग सर्विस के तौर पर मुख्य रूप से आईयूसीडी इंसर्शन, कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्टेबल एमपीए, टुबेक्टोमी, वैक्सोटोमी मेथड से अगले दो सप्ताह तक सभी जिला और प्रखण्ड मुख्यालय में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए सेवा उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही वर्ल्ड पॉपुलेशन डे कैंपेन में स्थानीय एमपी, एमएलए, पंचायत और नगर निकाय के प्रतिनिधि, हेल्थ केयर वर्कर और सिविल सोसाइटी के मेंबर डिजिटल प्लेटफॉर्म और मीडिया का इस्तेमाल करते हुए लोगों को जागरूक करेंगे।