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    आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा घर-घर भ्रमण कर महिलाओं को स्वच्छता के लिए किया जाता है जागरूक

    2021-06-09

    कटिहार, 09 जून: वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान घर में या आसपास सफाई पर ध्यान देना बहुत ज़्यादा जरूरी हो गया है। क्योंकि इस वायरस के संक्रमण से बचाव कर अपने तो सुरक्षित रहेंगे ही लेकिन इसके साथ हम अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। इस महामारी से निपटने के लिए अपने चेहरे को पूरी तरह से मास्क से ढंकने, अपने हाथों को बार-बार अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर या साबुन से रगड़-रगड़ कर धोना चाहिए। इसके साथ ही सामाजिक दूरी का भी ख़्याल रखना बेहद ही जरूरी हो गया है। घर की महिलाओं को यह ध्यान रखना होगा कि खाना बनाने से पहले बर्तन को पूरी तरह से सफाई होनी चाहिए। जबकिं खाना बनाते समय अपने हाथों को अच्छी तरह से धोने मात्र से ही संक्रमण का खतरा समाप्त हो जाता है। क्योंकि घर में जो खाना बनता हैं। उसे पूरे परिवार के लोग खाते हैं, इसलिए खाना बनाते समय भी पूरी तरह से स्वच्छ हाथों के साथ ही स्वच्छता का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। ताकि बैक्टीरिया, वायरस या कीटाणु से बचाव किया जा सके।

    घरेलू महिलाओं की स्वच्छता के लिए होती हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी :
    आईसीडीएस डीपीओ बेबी रानी ने कहा घरेलू महिलाओं की स्वच्छता के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनके द्वारा घर में खाना बनाने से पहले किसी भी तरह की हैंड वॉश या अन्य कीटाणु नष्ट करने वाले साबुन से अपनी हाथों को अच्छी तरह या रगड़-रगड़ कर धोने के बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लेना चाहिए। फिर सूखे कपड़े से उसे पोछने के बाद ही खाद्दान्न सामग्रियों को उपयोग में ला सकते हैं। क्योंकि खाना बनाने के बाद उसको घर के सभी लोग खाते हैं और उसकी पूरी जिम्मेदारी घर की महिलाओं की होती हैं। परिवार के अन्य सदस्यों को भी स्वास्थ्य और सुरक्षा कवच के रूप में नियमित रूप से हाथ धोना चाहिए। किसी भी तरह की किटाणुओं या बैक्टीरिया से बचने के लिए हैंडवॉशिंग की भूमिका काफ़ी महत्वपूर्ण मानी गई है। हमेशा ताजा व पौष्टिक खाद्य पदार्थो का उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता हैं। सुरक्षित प्रोसेसिंग की गयी चीजों का इस्तेमाल करने से किसी तरह की कोई शिकायत या डर नहीं रहता है। मार्केट से खरीददारी कर लाये गए वस्तुओं को इस्तेमाल से पहले फल व सब्जियों को अच्छी तरह धोने के बाद ही उसका उपयोग किया जाए तो बेहतर होता है। डिब्बा बंद सामानों की खरीददारी करते समय उसकी एक्सपायरी देखना कभी भी नही भूलना चाहिए। इसके साथ ही स्वस्थ व सेहतमंद जिन्दगी के लिए पीने के पानी का स्वच्छ होना भी बहुत जरूरी होता है। हालांकि पानी को उबालकर पीने से हर तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है।

    आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा घर-घर भ्रमण कर महिलाओं को स्वच्छता के लिए किया जाता है जागरूक :
    पोषण अभियान के जिला समन्यवक अनमोल गुप्ता ने बताया जिले में आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा नियमित रूप से अपने पोषक क्षेत्रों में घर-घर भ्रमण कर कोरोना संक्रमण काल के दौरान होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए मास्क पहनना, सामाजिक दूरी अपनाना एवं अपने हाथों की हर आधा घण्टे पर अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर या साबुन से रगड़-रगड़ कर धोने के लिए सलाह दिया जाता है। सेविकाओं द्वारा लोगों को खाने पीने या अन्य कोई भी कार्य करते समय सफाई पर ज्यादा ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। क्योंकि उनके खान-पान की आदतें ही उनके सेहतमंद ज़िंदगी का आधार होती हैं। जानकारी हो कि बेहतर स्वच्छता के लिए प्रतिदिन खाना बनाने से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है जैसे- खाना बनाने की जगह, चूल्हें, बर्तनों की अच्छी तरह से सफाई व उसे सैनिटाइज किया जाना, रसोई घर को कीड़े-मकोड़े व दूसरे किसी अन्य जानवरों से पूरी तरह सुरक्षित रखना, खाना बनाने से पहले व इसके बीच-बीच में नियमित रूप से अपने हाथों की सफाई करते रहना आदि। उक्त क्रियाकलाप किसी भी हानिकारक सूक्ष्म जीव को खाने की चीजों दूर करते हुए लोगों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्य रखने में सहायक हो सकता है।