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    पर्यावरण एक जीवन संरक्षण में अतिआवश्यक हिस्सा कैसे?

    2021-06-04

    बिहार/सारण: 5 जून 2021को "अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस" पे एक परिवार एक पेड़  के भाव   को रखकर इस  "विश्व पर्यावरण दिवस" पर एक पेड़ लगाने का संकल्प ले कर 5 जून को  हर एक परिवार   किसी भी एक पौधे को लगाने एवं संरक्षण की जिम्मेवारी लेने की जरूरत है इस महामारी   ने तो हमे यह अनुभव करवा  ही दिया है की पेडो़ की और आँक्सीजन की  कितना मानव जीवन मे उपयोगिता है।   इससे भविष्य में ऐसी  कोई  महामारी न फैले  हम सब  स्वस्थ  रहे मस्त रहे इस बात को ध्यान में रखते हुए अधिक-से अधिक  अपने जन्मदिन दिवस, विवाह  की वर्षगांठ एवं शादी के दिन पे एक-एक पेड़ जरूर लगाए जिससे पर्यावरण की संरक्षण के साथ-साथ ऑक्सीजन की कमी हमें नही होगा। 

    अब समय आ गया है जब प्रत्येक व्यक्ति को इस पर्यावरण के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए आगे आना ही होगा नही तो इसका दूरगामी प्रभाव से ग्रषित होने के लिए तैयार हो जाए  वर्तमान समय को देखते हुए इससे मानव जाति को सिख लेना चाहिए की  नही तो  प्रकृति के द्वारा समय-समय पर प्रकृति आपदाएं मानव जाती को अगवा कर रही है। लेकिन इस को हम सभी जान-बूझ कर भी अनदेखा कर  दे रहे है, यदि हम समय रहते सतर्क नही हुए तो संकट के कट घारे में ही रह गाएंगे 
    उसके बाद मानव जाति को इस पृथ्वी पे  बचाना मुश्किल हो सकता हैं।    

    पर्यावरण सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए इस दिन पे  एक त्योहार की तरह मानना चाहिए जिससे सभी लोगों को इस मे सहभगिता  के रूप में मना सके जिससे हर किसी के मन में पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा को लेकर हर्ष एवं उलाश से लाभांवित हो  साथ मे जगरूकता भी कायम रहेगा। हमसभी के जीवन मे  प्रत्येक वस्तु जिसे हम दैनिक जीवन में उपभोग किया करते है यह सब हमे प्रकृति के द्वारा  ही मिलते है फिर भी प्रकृति के बारे में अनजान सी बन जाते है हम। 

    मानव जाति के विकास की बात करे तो इस मे प्रकृति के दोहन ही तो  हो रहा है  कभी मनुष्य चाँद पे , मंगल पे हमेशा अवलोकन किया जा रहा है   अब हम अपने समय के अनुसार  विकास तो किए  जैसे-जैसे हम विकास करते गए वैसे-वैसे प्रकृति से दूर होते गए। पर्यावरण का  हास  होता चला गया सड़को के निर्माण कहे या बड़ी-बड़ी  फ़ैक्टरियां  बनी, जंगलो की अंधाधुंध काटकर किसान खेती करने लग गए। इस का मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि के कारण ही आनजो की आपूर्ती की  पूरी की जाती है जिससे जंगलो को काट कर खेती करना मजबूरी बन गई है ।

     

    पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरे विश्व में 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसे मनाने की घोषणा सन 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा की गई थी। एक अधिवेशन के दौरान 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा में पर्यावरण पर सम्मेलन आयोजित की गई। जिसके बाद 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया और तब से यह मनाया जा रहा है। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मेरा अनुरोध हैं इस दिन पे   हर व्यक्ति  जितना संभव को सके पेड़-पौधे लगाए अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग करे।