Mumkin hai India

  • Gallery

    समाज में फ़ैली भ्रांतियों को दूर करके ही टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति

    2021-05-27

    पूर्णिया, 27 मई: “कोरोना संक्रमण प्रसार की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए नियमित रूप से आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये जा रहे हैं। कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिले में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 18 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्तियों का टीकाकरण किया जा रहा है। लेकिन अभी भी टीकाकरण के प्रति समाज में तरह-तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। इन भ्रांतियों को जब तक दूर नहीं  किया जाएगा तब तक शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सकता है।“ जिलाधिकारी राहुल कुमार ने टीकाकरण में तेज़ी लाने के उद्देश्य से यह बातें कही है। उन्होंने आज डगरुआ प्रखंड व पीएचसी का भौतिक निरीक्षण किया। जहां उन्हें टीकाकरण को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियों से संबंधित जानकारी मिली थी। जिसको लेकर जिलाधिकारी राहुल कुमार ने समाहरणालय सभागार से कोविड-19 से जुड़े सभी नोडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सभी विभाग के अधिकारियों के साथ स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में फैलाई गई भ्रांतियों को दूर करते हुए विभिन्न सत्र स्थलों पर चल रहे टीकाकरण कार्य में तेज़ी लाने को कहा है। समाहरणालय सभागार में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिलाधिकारी राहुल कुमार, प्रशिक्षु आईएएस निशांत विवेक, डीडीसी मनोज कुमार, वरीय अपर समाहर्ता तारिक़ इक़बाल अहमद, ओएसडी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

    -भ्रांतियों को दूर करने के लिए अधिकारियों व कर्मियों द्वारा किया जा रहा है जागरूक: जिलाधिकारी

    जिलाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कोविड-19 टीकाकरण को लेकर ज़िले के ग्रामीण क्षेत्रों में फ़ैली तरह-तरह की भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से प्रखंड स्तर पर प्रतिनियुक्त कोविड-19 के नोडल अधिकारी, ज़िले के सभी बीडीओ, संबंधित कार्यालय के अधिकारी, कर्मी, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस एवं सहयोगी संस्थाओं में यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, केयर इंडिया के साथ स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को टीकाकरण कराया जा सके। ज़िले के विभिन्न गांवों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए सामुदायिक स्तर पर बैठक आयोजित कर लोगों को टीकाकरण के फायदे के बारे में जानकारी दी जा रही है। आईसीडीएस द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविका, सहायिकाओं एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा डोर टू डोर भ्रमण कर हर तरह के समुदाय को कोविड-19 टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा प्रखंड स्तर पर पीएचसी के बीसीएम, केयर इंडिया के बीएम, यूनीसेफ के बीएमसी के द्वारा जागरूकता अभियान के तहत बैनर, पोस्टर के माध्यम से टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    -एकजुटता का परिचय देते हुए वैश्विक महामारी से लड़ने की आवश्यकता: डीएम 
    स्थानीय प्रखंड स्तर पर विभागीय अधिकारियों व कर्मियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के मस्जिद एवं मंदिर में लगे लाउडस्पीकर के माध्यम से सामुदाय के लोगों को कोविड-19 टीकाकरण के प्रति जागरूक  किया जा रहा है। मस्जिद के इमाम एवं मंदिर के पुजारी द्वारा समुदाय के लोगों को कोरोना से बचाव तथा इससे सुरक्षित रहने के लिए अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हालांकि युवा वर्गों में यह धारणा बनी हुई है कि युवाओं की इम्युनिटी मजबूत होती है उन्हें वैक्सीन लेने की जरूरत नहीं है। लेकिन कोरोना से बचाव के लिए सभी वर्ग के लोगों को टीका लेना बहुत ज्यादा जरूरी है। जिलेवासियों को अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए वैश्विक महामारी से लड़ने की आवश्यकता है। 

    जारी गाइडलाइन का पालन जरूर करें: 

    कोरोना से बचाव का एक मात्र उपाय टीकाकरण ही है। जिससे अपने व अपने परिवारजनों का जीवन कष्टमय होने से बचाया जा सकता है। कोरोना की लहर में कहा जा रहा था कि बुजुर्ग अधिक संक्रमित हो रहे हैं लेकिन दूसरी लहर में हर उम्र के लोग संक्रमित हुए हैं। ऐसे समय में एकमात्र टीका ही है जो हमारी जान बचा सकता है। जानकारी के अनुसार कई लोगों ने बताया टीका लेने के बाद कई लोग खुद को सुरक्षित महसूस करने लगते हैं तो वह ऐसा नहीं मानें। क्योंकि टीकाकृत व्यक्ति को भी मास्क का पहनना, सामाजिक दूरी अपनाने, सैनिटाइजर का प्रयोग करना जरूरी है। साथ ही बेवजह घर से  नहीं  निकलें। बहुत जरूरी होने के बाद ही घर से बाहर निकल सकते हैं लेकिन कोरोना से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन जरूर करें।