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    किशनगंज: जिले में कुल 1384 से अधिक नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि , रिकवरी रेट 80.1

    2021-05-07

    - वैश्विक महामारी के खिलाफ लडाई में सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी - सम्पूर्ण लॉकडाउन में भी टीकाकरण कार्य जारी है किशनगंज, 07 मई| जिले में प्रतिदिन अलग-अलग प्रखंड से कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं| दूसरी ओर जिले में 80 हजार से अधिक लोगों को कोरोना टीके का पहला डोज दे दिया गया है| जिले में अब तक 30 प्रतिशत लोगों ने कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज ली है| वहीं, जिले में प्रतिदिन 100 से अधिक नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है| सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया जिले में कोरोना पॉजिटिव केसेज की संख्या 1384 हो चुकी है| अब तक जिले में 7058 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं| इनमें से 5652 लोग ठीक हो चुके हैं | जिले में अब तक कोरोना से 22 लोगों की मौत हुई है| रिकवरी रेट 80.1 है, जबकि पॉजिटिविटी रेट 1.7 है| जिले के नगर परिषद क्षेत्र, किशनगंज में 828 मरीज एक्टिव हैं । किशनगंज ग्रामीण क्षेत्र में 47 , दिघलबैंक में 92, ठाकुरगंज में 48, बहादुरगंज में 90 , पोठिया में 33, कोचाधामन में 106, तथा प्रवासी 100 व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति हैं । इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। - कोरोना को हराने के लिए टीकाकरण एवं नियमों का पालन अनिवार्य सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया जब तक लक्षित वर्ग के लाभुक कोरोना टीका का दूसरा डोज नहीं ले लेते, तब तक शरीर कोरोना के खिलाफ प्रतिरक्षित नहीं हो सकता| दूसरी डोज का टीका बूस्टर डोज होता है और कोरोना को हराने के लिए इसे लेना अनिवार्य है| दूसरी डोज के टीकाकरण में कई समस्याएं आ रही हैं| इसे लेकर जागरूकता का अभाव है| जो बुजुर्ग दूसरी डोज का टीका लेना चाहते हैं, वे टीका केंद्रों पर भारी भीड़ को देखकर हिम्मत नहीं जुटा पाते| कई ऐसे बुजुर्ग वापस लौट जा रहे हैं| दूसरी ओर, जिले में मौसम में बदलाव को लेकर भी लोग बीमार पड़ रहे हैं| जिसके कारण वैक्सीन की दूसरी डोज के लिए लोग आ नहीं पा रहे हैं| वैक्सीन की दूसरी डोज लेने का समय पहली डोज के 28 दिन बाद था| अब इसे बढ़ाकर छह सप्ताह से 56 दिन तक कर दिया गया है| दूसरी डोज समय पर लेने पर ही पूरी तरह असरकारी होगा| जिले में स्वस्थ्कर्मी 7352 के लक्ष्य के आलोक में 5805 , 8187 फ्रंट लाइन वर्कर के लक्ष्य के आलोक में 5339 , 45 वर्ष से 59 वर्ष के 31159 के लक्ष्य के आलोक में 5838 तथा 60 वर्ष के ऊपर के व्यक्ति के 27893 लक्ष्य के आलोक में 8478 टीकाकरण का दूसरा डोज लिया है| जिले में कुल प्रथम डोज 80141 के लक्ष्य के आलोक में 25460 व्यक्तियों ने दूसरी डोज ली है| - सुरक्षा के लिए वैक्सीन की दोनों डोज जरूरी सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन के अनुसार कोरोना से ठीक होने वाले लोगों में भ्रांति बन गयी है कि उनके शरीर में कुछ एंटीबॉडी बन गई है| जिसके कारण वह वैक्सीन लेने में आनाकानी कर रहे हैं. लेकिन, उन्हें यह समझना होगा कि उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज जरूर लेना चाहिए| वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों का भी यही मत है कि केवल वैक्सीन के जरिए ही शरीर पूरी एंटीबॉडी हासिल कर पाता है|. जो लंबे समय तक फिर से इस वायरस से संक्रमित होने से आपको बचा सकती है| विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अमित राव ने बताया अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुका है तो उसे वैक्सीन संक्रमण से ठीक होने के 4 से 7 सप्ताह के बाद ही लगवानी चाहिए, जब भी वैक्सीनेशन संभव हो| - सम्पूर्ण लॉकडाउन में भी टीकाकरण कार्य जारी है सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने कहा सम्पूर्ण लॉकडाउन के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिये जा रहे किसी भी जरूरी सेवा में कोई बदलाव या कमी नहीं होगी। कोरोना टीकाकरण और अन्य सेवाओं के साथ साथ शिशुओं का नियमित टीकाकरण भी बिना किसी व्यवधान के पूर्वत चलता रहेगा। इसके लिए अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर या आशा कार्यकर्ता की मदद ली जा सकती है | - वैश्विक महामारी के खिलाफ लडाई में सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी : सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया, प्रत्येक व्यक्ति टीकाकरण अवश्य करवाएं इसको लेकर जिले भर में प्रतिदिन माइक से प्रचार भी किया जा रहा है तथा जिले के सभी प्राथमिक , सामुदायिक , उप स्वास्थ्य केंद्र सदर अस्पताल , माता गुजरी मेडिकल कोलेज समेत कुल 127 स्थलों पर नियमित टीकाकरण किया जा रहा है| किन्तु, इस वैश्विक महामारी के बढ़ते प्रभाव पर विराम लगाने के लिए सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा टीकाकरण पूर्णतः सुरक्षित एवं असरदार है| इसलिए पहले वे खुद अपना टीकाकरण करवाएं तथा आस पास के सभी लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें और जारी गाइडलाइन का पालन करें| ऐसा करके इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लडाई में सकारात्मक सहयोग करें। तभी हम इसपर काबू पा सकते हैं और इसे मात देने में सफल हो सकते हैं।