लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तैयारी शुरू,प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थियेटर को किया गया सुसज्जित

छपरा : लक्ष्य कार्यक्रम के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जिला सदर अस्पताल द्वारा तैयारी शुरू कर दी गयी है। इसको लेकर केयर इंडिया के एक्सट्रनल मुल्यांकनकर्ता अतुल गुप्ते ने तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होने मेटरनिटी वार्ड का जायजा लिया। उन्होने वहां मौजूद चिकित्सक व हेल्थ मैनेजर से तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान केयर इंडिया के डीटीएल संजय विश्वास, प्रशांत कुमार, मेटरनिटी वार्ड के चिकित्सक व स्टाफ नर्स मौजूद थी।
लक्ष्य पूरा करने वाले को प्रोत्साहन राशि:
अतुल गुप्ते ने बताया कि लक्ष्य कार्यक्रम के तहत अस्पताल की गुणवत्ता की मैपिंग की जाती है। जिसमें कुल आठ तरह के मूल्यांकन पैमाने बनाए गए हैं। इसमें अस्पताल की आधारिक संरचना के साथ अस्पताल में साफ़-सफाई का स्तर, स्टाफ की उपलब्धता, लेबर रूम के अंदर जरुरी संसाधनों की उपलब्धता के साथ ऑपरेशन थिएटर की भी मैपिंग की जाती है। इस कार्यक्रम के बेहतर कार्यान्वयन के लिए जिला स्तरीय टीम में सिविल सर्जन को अध्यक्ष, एसीएमओ को नोडल और एक गायनकलोजीस्ट और युनिसेफ तथा केयर के अधिकारियों को सदस्य बनाया गया है। उन्होंने बताया निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने वाले जिला स्तरीय अस्पताल को प्रोत्साहन राशि के रूप में पांच लाख तथा पीएचसी स्तर पर तीन लाख रूपये की धनराशि और प्रमाणपत्र देने का प्रावधान है। सदर अस्पताल का लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रमाणिकरण करना है। इस दौरान उन्होने निर्देश दिया कि केंद्रीय टीम के आने से पहले तैयारी पूरी कर लें।

सदर अस्पताल के अस्पताल मैनेजर राजेश्वर प्रसाद ने कहा लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है। कुछ कार्य शेष बचे हैं। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा । लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तय किए गए मापदंडों के बारे में जानकारी देते हुए बताया सरकारी अस्पतालों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। उन्होंने तय मूल्यांकन पैमाने में सुधार कर लक्ष्य कार्यक्रम को सफ़ल बनाने के लिए निर्देश दिया।

प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थियेटर को किया गया सुसज्जित
लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सभी संसाधनों व सुविधा उपलब्ध कराया गया है और लक्ष्य कार्यक्रम के मानकों के अनुरूप सदर अस्पताल के प्रसव कक्ष तथा ऑपरेशन थियेटर को सुसज्जित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थियेटर को बेहतर बनाने से मरीजों को सुविधा व सहुलियत हो रही है। उन्होंने कहा कि मैन पावर की कमी को भी दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक संसाधनों को विकसित किया गया है ।
तीन स्तर पर रैंकिंग
लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तीन स्तरों पर रैंकिंग की जाती है। पहले जिला स्तर पर, उसके बाद रिजनल स्तर पर और तृतीय चरण में राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग की जाती है। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 75 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार
तय मानकों के सापेक्ष 70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार दिए जाने का भी प्रावधान बनाया गया है। सांत्वना पुरस्कार के रूप में सदर अस्पताल को 3 लाख, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों या अनुमंडलीय अस्पतालों को 1 लाख एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50 हजार रुपए दिए जाते हैं।

इन मानकों पर तय होते हैं पुरस्कार
• अस्पताल की आधारभूत संरचना
• साफ-सफाई एवं स्वच्छता
• जैविक कचरा निस्तारण
• संक्रमण रोकथाम
• अस्पताल की अन्य सहायक प्रणाली
• स्वच्छता एवं साफ़-सफाई को बढ़ावा देना

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