ई-औषधि एवं ई-उपकरण से दवाओं एवं उपकरणों की हो रही बेहतर निगरानी, एक क्लिक पर जानकारी है उपलब्ध

छपरा : सारण जिले में बड़ी आबादी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों द्वारा प्रदान की जा रही चिकित्सकीय सेवाओं एवं सुविधाओं पर निर्भर है। ऐसी दशा में सरकार द्वारा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने की ज़िम्मेदारी अधिक बढ़ जाती है। इसके लिए स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाओं एवं जरूरी चिकित्सकीय उपकरणों की निगरानी एवं इसकी समय से उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा ई-औषधि एवं ई-उपकरण की शुरुआत की गयी है। जिला एवं प्रखंड स्तरीय अस्पतालों में दवाओं एवं उपकरणों की सूचनाओं को ऑनलाइन कर इसे अधिक पारदर्शी बनाने की पहल की गयी है। इससे दवाओं एवं जरूरी उपकरणों की माँग एवं वर्तमान स्टॉक का पता चल सकेगा, जिससे आपूर्ति सुनिश्चित करने में आसानी होगी।

बीएमएसआईसीएल द्वारा संचालन:
जिले में ई-औषधि एवं ई-उपकरण का संचालन बिहार मेडिकल सर्विसेस एंड इनफ्रास्ट्रक्चर कार्पोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा किया जा रहा है। इसको लेकर बीएमएसआईसीएल एवं सेंटर ऑफ डेवेलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग(सीडीएसी) के बीच 1 अप्रैल 2016 को समझौता हस्ताक्षर किया गया। दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण की सूचनाओं को ऑनलाइन करने के लिए ड्रूग एंड वैक्सीन डिस्ट्रिब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम(डीवीडीएमएस) यानि ई-औषधि एवं उपकरणों की उपलब्धता एवं वितरण की सूचनाओं को ऑनलाइन करने के लिए ईक्विपमेंट मैनेजमेंट एंड मैंटेनेंस सिस्टम( ईएमएमएस) सॉफ्टवेयर का निर्माण सेंटर ऑफ डेवेलपमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग संस्था द्वारा किया गया है।
राज्य के 733 केन्द्रों की सूचनाएं ऑनलाइन : वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं 2018-19 में राज्य के 38 जिला दवा भंडार सहित कुल 733 स्वास्थ्य केन्द्रों में ई-औषधि एवं ई-उपकरण की शुरुआत हो चुकी है। केयर इंडिया के प्रॉक्यूरमेंट एंड सप्लाइ चेन एडवायिसरी टीम के टीम लीड डॉ. दुर्भा रोहिणी कुमार ने बताया राज्य भर में ई-औषधि एवं ई-उपकरण के बेहतर क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के क्षमता वर्धन में केयर इंडिया द्वारा तकनीकी सहयोग किया गया है। इसको लेकर वित्तीय वर्ष 2016-17 में पहले फेज के तहत राज्य स्तर पर केयर इंडिया द्वारा राज्य के 38 जिला दवा भंडार एवं 36 सदर अस्पताल के फर्मासिस्ट एवं जिला स्तरीय मोनिट्रिंग एवं इवैल्यूएशन अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान कराया गया। जबकि वित्तीय वर्ष वर्ष 2018-19 में दूसरे फेज़ के दौरान 55 अनुमंडलीय अस्पताल, 70 रेफेरल अस्पताल एवं 533 ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के स्वास्थ्य कर्मियों को जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रशिक्षण प्रदान कराया गया। साथ ही सभी केन्द्रों में कम्प्युटर एवं इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराया गया है।

निगरानी के साथ पारदर्शिता में बढ़ोतरी
दवाओं एवं उपकरणों की जानकारी ऑनलाइन होने से स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध होगी। चिकित्सकों द्वारा लिखे जाने वाले दवा पर्ची को ऑनलाइन करने से दवाओं की वास्तविक माँग का पता चलेगा। दवा के डिमांड के अनुसार आपूर्ति किए जाने पर पूरा विवरण पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। इससे जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर द्वारा स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध दवाओं की निगरानी के साथ पारदर्शिता में बढ़ोतरी होगी। इससे दवाओं की एक्सपायरी का भी पता चलेगा एवं एक्सपायर होने वाली दवाओं की उपलब्धता खपत से पहले की जा सकेगी।

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